फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   You Bnye army Lieutenant in the next birth to be a disciple.

जा चेला जा अगल जनम मे लै तू फौजी बन्ये।

Sun, 06 Sep 2015 01:23 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, बिंदुखत्ता (नैनीताल)।
ब्यूूराे, अमर उजाला, बिंदुखत्ता (नैनीताल)। Updated Sun, 06 Sep 2015 01:23 AM IST
विज्ञापन

‘जा चेला जा अगल जनम मे लै तू फौजी बन्ये, दुश्मनों को मारिए देशक रक्षा करिए मेर एक चेल न्हेगो मगर कई च्येल दिगो’ ( मेरे बेटे जा अगले जनम में भी तू फौजी बनना।

विज्ञापन


 देश के दुश्मनों को मारना, भारत माता की रक्षा करना मेरा एक बेटा चला गया, लेकिन मेरे कई वीर सैनिक बेटे हो गए हैं’। जांबाज मोहन के घर की चौखट पर चार दर्जन से अधिक सेना के जवान और अधिकारी मौजूद हैं।
विज्ञापन


जो मोहन के पार्थिव शरीर को लेकर आए हैं। जिंदगी की अंतिम सांस तक बेटे की जुदाई का सामना करने को विवश हो चुकी मां राधिका का जिगर फौलादी है। आखिर उसकी कोख से एक वीर सैनिक ने जो जन्म लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बूढ़ी मां को ढांढस बंधाने के लिए किसी के पास कोई शब्द नहीं थे। मां ने अपनी पोती ओर बहु को देखा तो लगा मोहन के बाद उसे ही इनकी देखभाल करनी है।

सीने में पत्थर रखकर मां आगे बढ़ी और बेटे मोहन को अंतिम विदाई देने का साहस कर दिखाया। मां के साहस को देख हर कोई यही बोला, आखिर शेर को जन्म देने वाली शेरनी ही होती है।  

अब भावना के आगे पहाड़ सी जिंदगी मुंह बांए खड़ी है। बूढ़ी सास को सहारा देने और बेटी भूमिका की बेहतर परवरिश की जिम्मेदारी अब भावना के कंधों पर आ पड़ी है।

पति की शहादत से मूर्छित भावना को जैसे-तैसे होश में लाया गया। आंख खुली तो एकदम स्तब्ध ना बोल सकी ना सुन सकी। भावना की नजर कभी विलाप करती बूढ़ी सास पर टिकती तो कभी अपनी बच्ची को निहारने लगती।

कभी पति के शव पर लिपट कर विलाप करती तो कभी आसमान को देखती। सूनी कलाईयों पर नजर पड़ते ही बेहोश हो जाती। बमुश्किल होश में आने पर फिर अपने आप से सवाल करती।

शहीद मोहन के परिजनों को उनकी अंतिम निशानी भेंट की गई। सेना के जवानों ने जांबाज मोहन के परिजनों को तिरंगा, सेना की टोपी, बेल्ट और बैज भेंट किया गया। शहीद के भाई शंभुनाथ ने सेना के अधिकारियों से निशानी हासिल की।


शहीद मोहन के घर को जाने वाले मार्ग का नाम शहीद मोहन नाथ मार्ग रखा जाएगा। कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने कहा कि सरकार शहीद के परिजनों को हर संभव सहायता देगी। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed