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नींद तो टूटी, खुमारी कब हटेगी
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
Updated Wed, 09 Aug 2017 11:28 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी और नैनीताल में आवारा कुत्तों के आंतक का एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद प्रशासन की नींद टूटी है। राजस्थान की मासूम पर्यटक एमतुल्ला की मौत, इसके बाद सौ से ज्यादा लोगों पर हमले और नैनीताल में बड़े प्रदर्शन को प्रशासन ने हलके में लिया। बुधवार को जब हाइकोर्ट ने इस पर स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया तो डीएम हरकत में आए। उन्होंने वन विभाग के अलावा हल्द्वानी और नैनीताल के निकायों के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। फौरी राहत की कोई ठोस कार्ययोजना अलबत्ता नदारद है।
दोनों जगह आवारा कुत्तों के हमले से लोग परेशान हैं लेकिन अधिकारी तमाशा देख रहे हैं। हद तो तब हो गई जब हल्द्वानी में नगर निगम और पशु पालन विभाग में कुत्तों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने के मामले में ठन गई। दोनों विभाग इसे एक दूसरे का काम बताकर जिम्मेदारी से बचते रहे और सिर्फ एक दिन 25 कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर इतिश्री कर ली। एमतुल्ला मामले ने जिले के सरकारी सिस्टम को सामने रखा। इसके बाद भी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा। अब जब मामला हाइकोर्ट पहुंचा तो डीएम ने नगर आयुक्त हरबीर सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका रोहिताश शर्मा और प्रभागीय वनाधिकारी डीएस मीणा को निर्देश दिए कि वह कुत्तों के काटने के मामले में आवश्यक कार्रवाई करें। नगर आयुक्त हरबीर सिंह ने बताया कि नगर निगम हल्द्वानी द्वारा शहर में कुत्तों को रैबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं व कुत्तों के बधियाकरण सेंटर के लिए 70 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जिसमें 25 लाख रुपये की पहली किश्त प्राप्त हो चुकी है। एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है।
नैनीताल के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने डीएम को बताया कि नैनीताल शहर में लगभग 850 कुत्तों का एबीसी सेंटर में बधियाकरण कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में बंदरों द्वारा भी इंसानों को काटने की भी शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने वनाधिकारी डीएस मीणा से कहा कि बंदरों को शहर से पकड़कर बाहर किया जाए। जिस पर प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि बंदरों के बधियाकरण के लिए रानीबाग में चिकित्सालय बनाया गया है लेकिन चिकित्सा उपकरण अभी नहीं हैं। चिकित्सा उपकरणों के लिए शासन से धनराशि की मांग की गई है। डीएम ने मीणा से कहा कि शासन से धनराशि की मांग करने वाला पत्र उन्हें उपलब्ध कराएं ताकि वह भी शासन स्तर पर वार्ता कर सकें। मीणा ने कहा कि बंदरों का बधियाकरण अस्पताल शुरू हो जाएगा तो यह कुमाऊं का पहला चिकित्सालय होगा।
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हल्द्वानी में फिर 23 को नोंचा
हल्द्वानी। बुधवार को भी काठगोदाम से लेकर हल्द्वानी, लालकुआं और कालाढूंगी में 23 लोगों को आवारा कुत्तों ने नोंच लिया। बेस अस्पताल में पहुंचकर सभी ने इंजेक्शन लगवाए। आवारा कुत्तों ने पिछले 15 दिनों से आतंक मचा रखा है। चौराहों के साथ-साथ अब एटीमए में भी आवारा कुत्तों का जमावड़ा रहता है। आवारा कुत्ते कभी भी किसी पर हमला कर देते हैं और नोंच लेते हैं। आवारा कुत्तों की चपेट में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक आ रहे हैं। आवारा कुत्तों के डर से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को अब घर से निकलने में डर लगने लगा है। बुधवार को आवारा कुत्तों का शिकार हुए 23 लोग बेस अस्पताल पहुंचे और इंजेक्शन लगवाए।
इन्हें बनाया शिकार
मोहन चंद (63) काठगोदाम, रवींद्र कुमार (10) काठगोदाम, चंपा (45) मल्ली बमौरी, बाल किशन (74) बिंदुखत्ता, भवान सिंह (70) बिंदुखत्ता, दीवान सिंह (41) बिंदुखत्ता, रूपाली (47) बिंदुखत्ता, मंयक (12) काठगोदाम, सुमित (11) गौलापार, दीपांशु (12) कुसुमखेड़ा, गीता बिष्ट (26) नवाबी रोड, सत्यम साहू (1.6) शनि बाजार, अभिषेक (03) शनि बाजार, अमित (20) काठगोदाम, हरीश चंद्र पांडे (56) हल्दूचौड़, धर्मेंद्र जोशी (17) बिंदुखत्ता, नीतिश कुमार (20) लालकुआं, अरुण (18) मंगलपड़ाव, विकास कुमार (22) नवाबी रोड, माया पांडे (32) कालाढूंगी, गंगा (35) जवाहर कालोनी, हरीश चंद्र (27) जेल कैंपस, भोपाल सिंह (45) गौलापार।
दोनों जगह आवारा कुत्तों के हमले से लोग परेशान हैं लेकिन अधिकारी तमाशा देख रहे हैं। हद तो तब हो गई जब हल्द्वानी में नगर निगम और पशु पालन विभाग में कुत्तों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाने के मामले में ठन गई। दोनों विभाग इसे एक दूसरे का काम बताकर जिम्मेदारी से बचते रहे और सिर्फ एक दिन 25 कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर इतिश्री कर ली। एमतुल्ला मामले ने जिले के सरकारी सिस्टम को सामने रखा। इसके बाद भी किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा। अब जब मामला हाइकोर्ट पहुंचा तो डीएम ने नगर आयुक्त हरबीर सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका रोहिताश शर्मा और प्रभागीय वनाधिकारी डीएस मीणा को निर्देश दिए कि वह कुत्तों के काटने के मामले में आवश्यक कार्रवाई करें। नगर आयुक्त हरबीर सिंह ने बताया कि नगर निगम हल्द्वानी द्वारा शहर में कुत्तों को रैबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं व कुत्तों के बधियाकरण सेंटर के लिए 70 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था जिसमें 25 लाख रुपये की पहली किश्त प्राप्त हो चुकी है। एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है।
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नैनीताल के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने डीएम को बताया कि नैनीताल शहर में लगभग 850 कुत्तों का एबीसी सेंटर में बधियाकरण कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में बंदरों द्वारा भी इंसानों को काटने की भी शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने वनाधिकारी डीएस मीणा से कहा कि बंदरों को शहर से पकड़कर बाहर किया जाए। जिस पर प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि बंदरों के बधियाकरण के लिए रानीबाग में चिकित्सालय बनाया गया है लेकिन चिकित्सा उपकरण अभी नहीं हैं। चिकित्सा उपकरणों के लिए शासन से धनराशि की मांग की गई है। डीएम ने मीणा से कहा कि शासन से धनराशि की मांग करने वाला पत्र उन्हें उपलब्ध कराएं ताकि वह भी शासन स्तर पर वार्ता कर सकें। मीणा ने कहा कि बंदरों का बधियाकरण अस्पताल शुरू हो जाएगा तो यह कुमाऊं का पहला चिकित्सालय होगा।
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हल्द्वानी में फिर 23 को नोंचा
हल्द्वानी। बुधवार को भी काठगोदाम से लेकर हल्द्वानी, लालकुआं और कालाढूंगी में 23 लोगों को आवारा कुत्तों ने नोंच लिया। बेस अस्पताल में पहुंचकर सभी ने इंजेक्शन लगवाए। आवारा कुत्तों ने पिछले 15 दिनों से आतंक मचा रखा है। चौराहों के साथ-साथ अब एटीमए में भी आवारा कुत्तों का जमावड़ा रहता है। आवारा कुत्ते कभी भी किसी पर हमला कर देते हैं और नोंच लेते हैं। आवारा कुत्तों की चपेट में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक आ रहे हैं। आवारा कुत्तों के डर से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को अब घर से निकलने में डर लगने लगा है। बुधवार को आवारा कुत्तों का शिकार हुए 23 लोग बेस अस्पताल पहुंचे और इंजेक्शन लगवाए।
इन्हें बनाया शिकार
मोहन चंद (63) काठगोदाम, रवींद्र कुमार (10) काठगोदाम, चंपा (45) मल्ली बमौरी, बाल किशन (74) बिंदुखत्ता, भवान सिंह (70) बिंदुखत्ता, दीवान सिंह (41) बिंदुखत्ता, रूपाली (47) बिंदुखत्ता, मंयक (12) काठगोदाम, सुमित (11) गौलापार, दीपांशु (12) कुसुमखेड़ा, गीता बिष्ट (26) नवाबी रोड, सत्यम साहू (1.6) शनि बाजार, अभिषेक (03) शनि बाजार, अमित (20) काठगोदाम, हरीश चंद्र पांडे (56) हल्दूचौड़, धर्मेंद्र जोशी (17) बिंदुखत्ता, नीतिश कुमार (20) लालकुआं, अरुण (18) मंगलपड़ाव, विकास कुमार (22) नवाबी रोड, माया पांडे (32) कालाढूंगी, गंगा (35) जवाहर कालोनी, हरीश चंद्र (27) जेल कैंपस, भोपाल सिंह (45) गौलापार।