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Nainital News: उम्र की सीमा आड़े आई तो वेटिंग पर एडमिशन दिया बच्चों को

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Apr 2025 02:16 AM IST
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When age limit came in the way, children were given admission on waiting basis
हल्द्वानी। सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा में आयुसीमा आड़े आई तो शिक्षकों ने बच्चों को वेटिंग में एडमिशन दे दिया। ताकि बच्चे शिक्षा से वंचित न रहे और शासन स्तर से उन्हें कोई राहत मिले। जिले के सैकड़ों बच्चे पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आयु सीमा में छूट की उम्मीद लिए बैठे हैं। आयु छह वर्ष से कम होने पर पहली कक्षा में प्रवेश नहीं देने के नियम के चलते यह सब कुछ हो रहा है।
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जिले में 940 राजकीय प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें एक अप्रैल से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो पूरे माह चलेगी। शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत पहली कक्षा में प्रवेश के लिए सत्र शुरू होने से पहले बच्चे की उम्र छह वर्ष पूरी हो जानी चाहिए। यदि इसमें एक भी दिन कम हुआ तो बच्चे को प्रवेश नहीं मिल रहा है। जन्म प्रमाणपत्र और आधार कार्ड से बच्चे की उम्र जांची जा रही है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय देवलचौड़, जेल रोड, धौलाखेड़ा, फतेहपुर, फूलचौड़, आनंदपुर समेत कई स्कूलों में प्रवेश के लिए आए कई बच्चों को खाली हाथ लौटना पड़ा है। शिक्षक उम्र कम होने पर उन्हें पहली कक्षा में प्रवेश नहीं दे रहे हैं। अभिभावकों के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है। उनके बच्चे का पूरा साल खराब हो रहा है। सरकारी विद्यालयों में प्री प्राइमरी की भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बच्चे को पूरा एक साल घर पर बैठना पड़ेगा।
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कई बच्चे पहली कक्षा में प्रवेश के लिए विद्यालयों में आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को वेटिंग के तहत प्रवेश दिया जा रहा है। इससे बच्चे को सीखने के लिए अधिक समय मिलेगा। घर पर उसका समय बर्बाद नहीं होगा।
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-एचबी चंद, जिला शिक्षा अधिकारी

बच्चों को बालवाटिका में मिलेगा प्रवेश

हल्द्वानी। तीन वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों को बालवाटिका में प्रवेश दिया जाएगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा विभाग ने बाल वाटिकाएं खोली हैं। कई स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में ये वाटिकाएं संचालित हो रही हैं। निजी स्कूलों की भांति इनमें छह वर्ष तक बच्चों को पढ़ाया जाएगा। छह वर्ष पूरे होने पर उन्हें कक्षा एक में प्रवेश मिलेगा। ताकि भविष्य में उम्र की सीमा प्रवेश में बाधा न बने। सीईओ जीआर जायसवाल ने बताया कि तीन वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों की प्री स्कूलिंग के लिए बाल वाटिका में प्रवेश दिया जा रहा है। महानिदेशालय स्तर से इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों का बाल वाटिकाओं में प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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