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मांगें नहीं मानी गई तो नवंबर में वन ग्रामीण करेंगे आंदोलन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर।
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:48 PM IST
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रामनगर में ग्रामीणों की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर। वन ग्राम विकास समिति की एक बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि रामनगर विधानसभा के अंतर्गत 24 वन ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा नहीं मिला तो नवंबर में ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
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बैठक में कहा गया कि ये वन ग्राम अभी तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं व लंबे समय से वन ग्रामों को राजस्व गांव बनाए जाने एवं मूलभूत सुविधाएं प्रदान किए जाने की मांग को लेकर आंदोलित हैं।
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समय-समय पर शासन-प्रशासन का ध्यान विभिन्न आंदोलनों के माध्यम से आकृष्ट कराते रहे हैं। लेकिन सरकारों द्वारा वन ग्राम वासियों के लिए अभी तक धरातल में सकारात्मक पहल नहीं किए जाने से समस्त वन ग्रामवासी आहत हैं।
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निर्णय लिया कि सरकार द्वारा नवंबर प्रथम सप्ताह तक कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो नवंबर द्वितीय सप्ताह से वन ग्रामीण विवश होकर धरना-प्रदर्शन के माध्यम से पुन: आंदोलन को मजबूर होंगे।
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष एस लाल संचालन गोपाल शर्मा ने किया। बैठक में चंदन राम, प्रताप सिंह रावत, कमला रावत, रमेश चंद्रा, हीरा लाल, मो. ताहिर, पान सिंह रौलेता, मंजू देवी, गौरा देवी, हरीश चंद्र, रामसिंह, महेश चंद्र, खुशाली राम, हरीश पंचवाल, नरेश कुमार, हेमा टम्टा, गोपाल राम आदि थे।