जंगल क्षेत्र में ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक: मगर रामपुर रोड पर वाहनों की गति 100 पार, जानें क्या बोले अधिकारी
जंगलों के बीच बनाई गईं सड़कों को पार करते समय वन्यजीव तेज गति वाहनों की चपेट में आकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों के मुताबिक इन सड़कों पर वाहनों की रफ्तार 30 किमी प्रति घंटा होनी चाहिए।
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जंगलों के बीच बनाई गईं सड़कों को पार करते समय वन्यजीव तेज गति वाहनों की चपेट में आकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों के मुताबिक इन सड़कों पर वाहनों की रफ्तार 30 किमी प्रति घंटा होनी चाहिए। मगर वाहनों की गति बेधड़क 80 से 110 रहती है। हैरानी यह है कि जंगल क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेन की भी गति धीमी कर दी जाती है, मगर बसों व अन्य वाहनों पर कोई नियंत्रण नहीं है।
हल्द्वानी-रुद्रपुर मार्ग पर छह से अधिक स्थानों पर वन्यजीवों को अक्सर सड़क पार करते हुए देखा गया है। हालांकि वन विभाग ने ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। मगर दिन हो या रात, हर समय इस सड़क पर वाहन तेज रफ्तार से ही दौड़ते हैं। इसी वजह से बुधवार को हरियाणा परिवहन निगम की ऐसी ही एक बस से टकराकर हथिनी की मौत हो गई।
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वन अधिकारी बोले- सड़क निर्माण एजेंसियों के साथ बनाएंगे सुरक्षा योजना
हाथियों सहित कई अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा प्राथमिकता है। जंगली जानवरों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाया जा सके, इसके लिए जल्द ही सड़क निर्माण एजेंसियों के साथ बैठक कर ठोस योजना बनाई जाएगी।