Uttarakhand: इस टूरिस्ट प्लेस में नहीं हुई बर्फबारी, पर्यटकों के मुरझाए चेहरे; फिर भी कारोबारियों को है उम्मीद
नैनीताल और इसके आसपास के क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड के चलते पर्यटक सीजन लगातार घट रहा है। इससे पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में अब पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को बर्फबारी का इंतजार है।
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नैनीताल और इसके आसपास के क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड के चलते पर्यटक सीजन लगातार घट रहा है। इससे पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में अब पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को बर्फबारी का इंतजार है। कारोबारियों का गणतंत्र दिवस के बाद से नैनीताल से आने वाले सैलानियों की संख्या लगातार घट रही है।
पिछले वर्षों तक नैनीताल में दिसंबर-जनवरी में पहले दौर की बर्फबारी हो जाती थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में 25 व 28 दिसंबर को पहली बर्फबारी हो जाती थी। जबकि 2022 में नौ व दस जनवरी को और वर्ष 2023 में 13 जनवरी को नैनीताल में पहला हिमपात हुआ था। लेकिन इस बार जनवरी का पूरा महीना निकल गया और बर्फबारी तो दूर बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी है। इसका असर नैनीताल के पर्यटन पर पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि अब सप्ताहांत के अलावा कोई ऐसा मौका नहीं है जिसमें पर्यटक सीजन बढ़ने की उम्मीद हो। केवल बर्फबारी से ही उम्मीद है।
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गाइड मोहन सिंह का कहना है पिछले कई दिनों से सैलानियों की संख्या बेहद कम है। जिसके चलते काम नहीं मिल रहा है। हिमपात हो जाए तो काम बढ़ जाएगा।
नौका चालक मदन राम का कहना है कि बर्फबारी के दौरान तो नौकायन नहीं होता लेकिन उसके एक दो दिन बाद सैलानी खूब नौकायन करते हैं।
फोटोग्राफर मुकेश कुमार का कहना है कि बर्फबारी के दौरान यहां आने वाले सैलानी खूब फोटो खिंचवाते हैं और मस्ती करते हैं। मुकेश का कहना है कि अभी फिलहाल काम कम है और बर्फवारी से सीजन बढ़ने की उम्मीद है।