फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Uttarakhand News: Haldwani violence affected business in haldwani

हल्द्वानी हिंसा का असर: कारीगर वापस आने को तैयार नहीं, ठेकेदार भी गायब; घरों के अटके काम, जानें पूरा हाल

Thu, 15 Feb 2024 12:17 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 15 Feb 2024 12:17 PM IST
सार

Haldwani violence: हल्द्वानी हिंसा के बाद से शहर में ग्रिल, वेल्डिंग, स्टील फेब्रिकेशन और फर्नीचर का काम करने वाले कारीगर दुकानें नहीं खोल रहे हैं। छह दिन बीतने के बाद भी कारीगर नहीं आने से घरों के निर्माण कार्य पर असर पड़ा है। 
 

विज्ञापन
Uttarakhand News: Haldwani violence affected business in haldwani
हल्द्वानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बनभूलपुरा हिंसा के बाद से शहर में ग्रिल, वेल्डिंग, स्टील फेब्रिकेशन और फर्नीचर का काम करने वाले कारीगर दुकानें नहीं खोल रहे हैं। छह दिन बीतने के बाद भी कारीगर नहीं आने से घरों के निर्माण कार्य पर असर पड़ा है। घर गए कारीगर भी डर के कारण वापस आने को तैयार नहीं हैं।

विज्ञापन

हल्द्वानी में जगह-जगह भवन निर्माण कार्य चल रहा है। मगर बनभूलपुरा बवाल के बाद से कई घरों में निर्माण कार्य में भी असर पड़ गया है। हल्द्वानी के नैनीताल रोड, रामपुर रोड, बरेली रोड, कालाढूंगी रोड, कमलुवागांजा, कठघरिया, कुमुमखेड़ा, कमलुवागांजा रोड, छड़ायल रोड, देवलचौड़, पंचायत घर, काठगोदाम, पनचक्की, लालडांठ रोड सहित अन्य इलाकों में वेल्डिंग, ग्रिल उद्योग, स्टील फेब्रिकेशन का काम करने वालों की दुकानें हैं। बीते छह दिन से ये दुकानें नहीं खुली हैं। कुछ जगह दुकानें खुल भी रही हैं तो वहां कारीगर नहीं होने के कारण काम ठप पड़ा है। इस कारण घरों के निर्माण कार्य अटक गए हैं। दरअसल घरों में लोहे के दरवाजे, सीढ़ी, रेलिंग आदि बनाने के लिए ग्रिल उद्योग और वेल्डिंग करने वाले दुकानदारों को लोगों ने ऑर्डर दिए हुए हैं जो पूरे नहीं हो सके हैं।

विज्ञापन


ये पढ़ें- हल्द्वानी हिंसा का असर: मासूम बोली- बाबूजी...50 रुपये दे दो, मां बीमार है, आटा लेना है; पापा को पुलिस ले गई है

विज्ञापन
विज्ञापन

दरवाजे और टिन शेड कब बनेगा पता नहीं
कठघरिया क्षेत्र में मकान का काम करा रहे मनीष पंत बताते हैं उनको घर के बाहर टिन शेड लगवाना था जो दुकान बंद होने से अटक गया है। मोहन सिंह खाती ने बताया कि खिड़की, दरवाजे की चौखट तो पहले लगा दी थी लेकिन अब दरवाजे लगाने थे। मगर कारीगर ही दुकान बंद कर चले गए हैं। ठेकेदार मो. शरीफ बताते हैं कि ग्रिल, वेल्डिंग या एल्यूमीनियम और लकड़ी का काम करने वाले अधिकतर कारीगर रामनगर, काशीपुर, रामपुर सहित यूपी के हैं। बनभूलपुरा में हुई हिंसा के बाद से सभी डर के कारण अपने घरों को चले गए हैं। इस कारण दुकानों में भी ताले लगे हुए हैं। वेल्डिंग का काम करने वाले रईस का कहना है कि जो कारीगर थे वह डरकर चले गए हैं और अब आने को भी तैयार नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed