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UK: पिथौरागढ़ में खुले में फेंका जा रहा मेडिकल वेस्ट, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिए सख्त निर्देश

Wed, 05 Aug 2026 09:43 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Wed, 05 Aug 2026 09:43 PM IST
सार

पिथौरागढ़ जिले में अस्पतालों के मेडिकल वेस्ट को खुले में, नदी-नालों और कूड़ेदानों में फेंके जाने के मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को कॉमन मेडिकल वेस्ट प्लांट के लिए जगह चुनने को कहा है।

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Uttarakhand High Court strict on throwing medical waste in rivers and drains in pithoragarh
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ जिले में अस्पतालों का मेडिकल वेस्ट खुले में, नदी, नालों, गड्ढों और नगर पालिका के कूड़े के डिब्बों में डाले जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार से कहा है कि कॉमन मेडिकल वेस्ट प्लांट लगाने के लिए जगह का चयन कर कोर्ट को बताएं, और राज्य प्रदूषण बोर्ड जिले के सभी हॉस्पिटलों की जांच करके चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।

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कोर्ट ने कहा कि हॉस्पिटल कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग कराई जाए। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पिथौरागढ़ निवासी डॉक्टर राजेश पांडे ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि पिथौरागढ़ जिले में मेडिकल वेस्ट का निस्तारण के लिए कोई सुविधा नहीं है, जिसकी वजह से सरकारी, प्राइवेट अस्पातल और पैथ लैब का मेडिकल वेस्ट इनकी ओर से खुले में, नदी, नालों, गड्ढों व नगर पालिका के कूड़े के डिब्बों में डाला जा रहा है जिसकी वजह से बीमारी फैलने की आशंका बढ़ रही है।

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याचिका में कहा कि इसके निस्तारण के लिए कोई साधन उपलब्ध नही है, इतना ही नहीं इस वेस्ट को जानवर भी खा रहे हैं, उनके स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। पिथौरागढ़ जिले में करीब 20 पैथ लैब संचालित है लेकिन इनका यूकेपीसीबी यानी उत्तराखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में रजिस्ट्रेशन तक नहीं है। इसकी वजह से पर्यावरण को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। हॉस्पिटलों के द्वारा नियमों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। पीसीबी के द्वारा अभी तक जिले के दो हॉस्पिटल की जांच की गई है।.

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