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Uttarakhand: अवैध खड़िया खनन पर डीएम, एसडीएम, डीएफओ से जवाब तलब, हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर मांगी रिपोर्ट
Sat, 09 Dec 2023 01:43 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sat, 09 Dec 2023 01:43 PM IST
सार
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कपकोट में खनन माफिया की ओर से अवैध रूप किए जा रहे खड़िया खनन मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हाईकोर्ट ने कपकोट में खनन माफिया की ओर से अवैध रूप किए जा रहे खड़िया खनन मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने डीएम, प्रभागीय वनाधिकारी व एसडीएम को तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
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अगली सुनवाई 28 दिसंबर को होगी। सुनवाई के दौरान नियुक्त कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जहां पर खनन करने के पट्टे दिए गए थे, खनन कारोबारियों ने वहां भारी मशीनों से कहीं अधिक खनन कर दिया। इपहाड़ों पर भारी मशीनों से खनन करना पीसीबी की नियमावली के विरुद्ध है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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बागेश्वर निवासी हीरा सिंह पपोला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि बागेश्वर जिले की तहसील कपकोट की रीमाघाटी, भ्यूं गांव में सरकारकी ओर से खनन पट्टा दिया गया है। यहां खनन माफिया मात्रा से अधिक खनन क रहे हैं। अवैध रूप से निकाले गए खनिज को बाहर ले जाने के लिए वन भूमि पर अवैध रूप से सड़क भी बनाई गई है।
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