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उत्तराखंड: मनसा देवी में रोपवे के लिए हाईकोर्ट ने दी अनुमति, कहा- दस अप्रैल तक किया जा सकता है संचालन
Sat, 13 Jan 2024 03:23 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sat, 13 Jan 2024 03:23 PM IST
सार
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मनसा देवी रोपवे संचालन के मामले में 15 जून 2023 के अपने आदेश को संशोधित किया है। कोर्ट ने नगर निगम हरिद्वार को रोपवे संचालन की अनुमति के लिए सशर्त छूट दे दी है।
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उत्तराखंड नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हाईकोर्ट ने मनसा देवी रोपवे संचालन के मामले में 15 जून 2023 के अपने आदेश को संशोधित किया है। कोर्ट ने नगर निगम हरिद्वार को रोपवे संचालन की अनुमति के लिए सशर्त छूट दे दी है। कोर्ट ने कहा कि निगम शर्तों के तहत 10 अप्रैल 2024 तक रोपवे का संचालन कर सकता है। मामले की अगली सुनवाई 6 मई को होगी।
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15 जून 2023 को हाईकोर्ट ने नगर निगम हरिद्वार को मनसा देवी रोपवे के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया था कि वर्तमान टेंडर को 31 मार्च 2023 से आगे न बढ़ाया जाए। सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि 10 दिन के भीतर सभी पात्र व्यक्तियों से बोलियां आमंत्रित की जाएंगी और रोपवे के संचालन के लिए अनुबंध देने की प्रक्रिया तीन माह के भीतर सकारात्मक रूप से पूरी कर ली जाएगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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मामले में हरिद्वार निवासी नीरव साहू ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि मनसा देवी रोपवे के संचालन का कार्य 40 वर्षों की लीज पर 1973 में उषा ब्रेको रोप वे लिमिटेड को दिया गया था। यह लीज मई 2020 में समाप्त हो गई थी। बाद में पुनः इसी कंपनी को नियमविरुद्ध तरीके से 3.30 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की दर से रोपवे संचालन का कार्य दे दिया गया, जबकि नियमानुसार टेंडर होने पर रोपवे संचालन में अधिक आय होती ।
पूर्व मे कोर्ट ने सरकार व नगर निगम को निर्देश दिए थे कि रोपवे संचालन के लिए नए सिरे से टेंडर किए जाएं और बिना टेंडर के 31 दिसंबर 2023 के बाद वर्तमान प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाए।