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संयुक्त किसान मोर्चा ने तहसील में दिया धरना, ‘लोकतंत्र बचाओ, खेती बचाओ’ के लिए राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
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रामनगर/लालकुआं (नैनीताल)। संयुक्त किसान मोर्चा के ‘लोकतंत्र बचाओ, खेती बचाओ’ के आह्वान पर रामनगर तहसील में विभिन्न सामाजिक और राजनैतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक धरना दिया। सभा के बाद एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा और नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा कि पिछले सात माह से किसान अपनी मांगों, नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं। लेकिन उनकी मांग नहीं सुनी जा रही है। इसमें इंकलाबी मजदूर केंद्र, पछास, उपपा, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, भोजनमाता संगठन, देवभूमि विकास मंच, राज्य आंदोलनकारी, किसान संघर्ष समिति ने एकजुट होने का आह्वान किया।
इस दौरान पंकज, गोविंद, चंदन, मुकेश, प्रभात ध्यानी, लालमणि, किरन, तुलसी छिमवाल, शीला शर्मा, कमला रावत, मनमोहन अग्रवाल, मनिन्दर सिंह सेठी, रईस अहमद, योगेश सती, ललित उप्रेती, कौशल्या आदि मौजूद रहीं।
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इधर, लालकुआं में भी अखिल भारतीय किसान महासभा ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इसके बाद काररोड चौराहा में नुक्कड़ सभा हुई, जिसमें जिला संयोजक बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि आजादी के बाद से ही किसानों ने अपनी जिम्मेवारी निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
इस मौके पर डॉ. कैलाश पांडेय, ललित मटियाली, विमला रौथाण, गोविंद जीना, पुष्कर दुबड़िया, किशन बघरी, स्वरूप सिंह दानू आदि शामिल रहे।
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ज्ञापन में कहा कि पिछले सात माह से किसान अपनी मांगों, नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं। लेकिन उनकी मांग नहीं सुनी जा रही है। इसमें इंकलाबी मजदूर केंद्र, पछास, उपपा, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, भोजनमाता संगठन, देवभूमि विकास मंच, राज्य आंदोलनकारी, किसान संघर्ष समिति ने एकजुट होने का आह्वान किया।
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इस दौरान पंकज, गोविंद, चंदन, मुकेश, प्रभात ध्यानी, लालमणि, किरन, तुलसी छिमवाल, शीला शर्मा, कमला रावत, मनमोहन अग्रवाल, मनिन्दर सिंह सेठी, रईस अहमद, योगेश सती, ललित उप्रेती, कौशल्या आदि मौजूद रहीं।
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इधर, लालकुआं में भी अखिल भारतीय किसान महासभा ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इसके बाद काररोड चौराहा में नुक्कड़ सभा हुई, जिसमें जिला संयोजक बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि आजादी के बाद से ही किसानों ने अपनी जिम्मेवारी निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
इस मौके पर डॉ. कैलाश पांडेय, ललित मटियाली, विमला रौथाण, गोविंद जीना, पुष्कर दुबड़िया, किशन बघरी, स्वरूप सिंह दानू आदि शामिल रहे।