{"_id":"600341688ebc3e31965c52e4","slug":"two-babas-will-be-surprised-to-know-such-a-handiwork-bhimtal-news-hld411438165","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो बाबाओं ने की ऐसी करतूत जान कर रह जाएंगे हैरान...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो बाबाओं ने की ऐसी करतूत जान कर रह जाएंगे हैरान...
विज्ञापन
रतौड़ा गांव में किशोर को अगवा करने वाले दोनों बाबा राजस्व पुलिस के हिरासत में। संवाद न्यूज एजेंस?
- फोटो : BHIMTAL
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरमपानी/बेतालघाट (नैनीताल)। भक्ति में लीन रहने वाले बाबाओं का हमेशा से आदर किया जाता है लेकिन जब वे ही लोग अपहरण जैसे अपराध करने लगें तो लोगों के विश्वास और आस्था को चोट पहुंचती है। ऐसा ही मामला बेतालघाट ब्लॉक के गांव रतौड़ा में सामने आया है। यहां रहने वाले दो बाबाओं ने उसी 12 वर्षीय किशोर का अपहरण कर लिया, जो उन्हें भोजन कराता था।
राजस्व पुलिस के अनुसार शुक्रवार देर रात करीब 2:30 बजे गांव के मंदिर में रहने वाले एक बाबा और उसके चेले ने हिमांशु मेहरा पुत्र शंकर सिंह मेहरा को अगवा कर लिया। आरोप है कि वे हिमांशु को गांव से तीन किमी दूर हल्सों गांव के मंदिर में ले गए और एक कमरे में बंद कर लिया। हिमांशु के परिजन परिचित के घर जागर में गए थे। जब वे लौटे और उन्हें हिमांशु घर पर नहीं मिला तो वे परेशान हो गए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ हिमांशु की खोजबीन शुरू की और राजस्व पुलिस को सूचना दी।
शनिवार सुबह भी हिमांशु का पता नहीं चला तो गांव के सभी लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद ग्रामीण हिमांशु को ढूंढते हुए कोसी नदी के किनारे पहुंचे, जहां उसके कपड़े मिले। इधर, हल्सों गांव में मंदिर के पास काम पर गए मजदूर विनोद शर्मा को कमरे का दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनाई दी। इस पर विनोद ने ग्रामीणों को जानकारी दी। ग्रामीणों ने कमरे का ताला तोड़कर देखा तो अंदर हिमांशु सहमा बैठा था। जैसे ही उसने परिजनों को देखा वह गले लगकर रोने लगा।
विज्ञापन
हिमांशु ने बाबाओं के कपड़े पहने हुए थे, यह देख परिजन और ग्रामीणों भड़क गए और वे हिमांशु को वापस गांव रतौड़ा ले आए। वहां उसने आपबीती बताई।
इसके बाद पटवारी प्रवीण ह्यांकी ने बाबाओं को हिरासत में ले लिया। साथ ही दोनों के खिलाफ अपहरण के आरोप में धारा 363 अ के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पटवारी ने बताया कि सोमवार को दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी बाबा टिहरी निवासी पूरन गिरी (62) दो साल से हल्सों गांव के मंदिर में रह रहा था। उसका चेला पौड़ी निवासी संध्या गिरी (19) दो महीने पहले ही आया था और रतौड़ा गांव में रह रहा था।
बाबा भी ग्रामीणों के साथ हिमांशु को ढूंढ रहे थे
गरमपानी/बेतालघाट (नैनीताल)। आरोपी बाबा इतने शातिर थे कि दोनों ग्रामीणों के साथ हिमांशु को ढूंढ रहे थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। यही नहीं कोसी नदी के किनारे हिमांशु के कपड़े पड़े होने की सूचना भी ग्रामीणों को उन्हीं में से एक ने दी। बाद में दोनों की पोल खुलने पर ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए राजस्व पुलिस उन्हें बेतालघाट तहसील ले गई। (संवाद)
बाबाओं को भोजन कराता था हिमांशु
गरमपानी/बेतालघाट। हिमांशु दोनों बाबाओं की खूब सेवा करता था। परिजनों ने बताया कि बाबा हिमांशु से अच्छे से परिचित थे। वह उन्हें भोजन भी कराता था। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने हिमांशु को अगवा किया। वे हिमांशु को अपनी तरह बाबा बनाने की तैयारी कर रहे थे। (संवाद)
क्षेत्र में घूम रही थी हरियाणा नंबर की कार
गरमपानी/बेतालघाट। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी दोनों बाबा हिमांशु को गांव से बाहर ले जाने की तैयारी में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हरियाणा के नंबर की एक कार भी क्षेत्र में देखी गई, जिससे पता चलता है कि वह इसी कार से हिमांशु को अपने साथ ले जाते। ग्रामीणों ने कहा कि समय रहते उन्हें हिमांशु के गायब होने का पता चल गया। नहीं तो आरोपी अपनी साजिश में कामयाब हो जाते। (संवाद)
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने भी पहुंचकर जानकारी ली
गरमपानी/बेतालघाट। घटना के बाद सूचना पर संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी ली और मामले की जांच के बाद दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। इस दौरान कौश्याकुटौली की नायब तहसीलदार बरखा जलाल, प्रधान मंजू देवी, मदन सिंह, पूरन सिंह, चंदन सिंह, कुबेर सिंह, वीरेंद्र सिंह, गंगा देवी, नंदी देवी समेत बेतालघाट और खैरना पुलिस मौजूद थी। (संवाद)
विज्ञापन
राजस्व पुलिस के अनुसार शुक्रवार देर रात करीब 2:30 बजे गांव के मंदिर में रहने वाले एक बाबा और उसके चेले ने हिमांशु मेहरा पुत्र शंकर सिंह मेहरा को अगवा कर लिया। आरोप है कि वे हिमांशु को गांव से तीन किमी दूर हल्सों गांव के मंदिर में ले गए और एक कमरे में बंद कर लिया। हिमांशु के परिजन परिचित के घर जागर में गए थे। जब वे लौटे और उन्हें हिमांशु घर पर नहीं मिला तो वे परेशान हो गए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ हिमांशु की खोजबीन शुरू की और राजस्व पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन
शनिवार सुबह भी हिमांशु का पता नहीं चला तो गांव के सभी लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद ग्रामीण हिमांशु को ढूंढते हुए कोसी नदी के किनारे पहुंचे, जहां उसके कपड़े मिले। इधर, हल्सों गांव में मंदिर के पास काम पर गए मजदूर विनोद शर्मा को कमरे का दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनाई दी। इस पर विनोद ने ग्रामीणों को जानकारी दी। ग्रामीणों ने कमरे का ताला तोड़कर देखा तो अंदर हिमांशु सहमा बैठा था। जैसे ही उसने परिजनों को देखा वह गले लगकर रोने लगा।
विज्ञापन
हिमांशु ने बाबाओं के कपड़े पहने हुए थे, यह देख परिजन और ग्रामीणों भड़क गए और वे हिमांशु को वापस गांव रतौड़ा ले आए। वहां उसने आपबीती बताई।
इसके बाद पटवारी प्रवीण ह्यांकी ने बाबाओं को हिरासत में ले लिया। साथ ही दोनों के खिलाफ अपहरण के आरोप में धारा 363 अ के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पटवारी ने बताया कि सोमवार को दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी बाबा टिहरी निवासी पूरन गिरी (62) दो साल से हल्सों गांव के मंदिर में रह रहा था। उसका चेला पौड़ी निवासी संध्या गिरी (19) दो महीने पहले ही आया था और रतौड़ा गांव में रह रहा था।
बाबा भी ग्रामीणों के साथ हिमांशु को ढूंढ रहे थे
गरमपानी/बेतालघाट (नैनीताल)। आरोपी बाबा इतने शातिर थे कि दोनों ग्रामीणों के साथ हिमांशु को ढूंढ रहे थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। यही नहीं कोसी नदी के किनारे हिमांशु के कपड़े पड़े होने की सूचना भी ग्रामीणों को उन्हीं में से एक ने दी। बाद में दोनों की पोल खुलने पर ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए राजस्व पुलिस उन्हें बेतालघाट तहसील ले गई। (संवाद)
बाबाओं को भोजन कराता था हिमांशु
गरमपानी/बेतालघाट। हिमांशु दोनों बाबाओं की खूब सेवा करता था। परिजनों ने बताया कि बाबा हिमांशु से अच्छे से परिचित थे। वह उन्हें भोजन भी कराता था। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने हिमांशु को अगवा किया। वे हिमांशु को अपनी तरह बाबा बनाने की तैयारी कर रहे थे। (संवाद)
क्षेत्र में घूम रही थी हरियाणा नंबर की कार
गरमपानी/बेतालघाट। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी दोनों बाबा हिमांशु को गांव से बाहर ले जाने की तैयारी में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हरियाणा के नंबर की एक कार भी क्षेत्र में देखी गई, जिससे पता चलता है कि वह इसी कार से हिमांशु को अपने साथ ले जाते। ग्रामीणों ने कहा कि समय रहते उन्हें हिमांशु के गायब होने का पता चल गया। नहीं तो आरोपी अपनी साजिश में कामयाब हो जाते। (संवाद)
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने भी पहुंचकर जानकारी ली
गरमपानी/बेतालघाट। घटना के बाद सूचना पर संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी ली और मामले की जांच के बाद दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। इस दौरान कौश्याकुटौली की नायब तहसीलदार बरखा जलाल, प्रधान मंजू देवी, मदन सिंह, पूरन सिंह, चंदन सिंह, कुबेर सिंह, वीरेंद्र सिंह, गंगा देवी, नंदी देवी समेत बेतालघाट और खैरना पुलिस मौजूद थी। (संवाद)