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देश सेवा को ठुकरा दी अमेरिका में नौकरी

Thu, 24 Nov 2016 01:18 AM IST
अरविंद उपाध्याय
अरविंद उपाध्याय Updated Thu, 24 Nov 2016 01:18 AM IST
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Turned down a job in the US to serve the country
हिमाचल के दो आईएएस अफसरों ने विदेश में ट्रेनिंग के लिए आवेदन किया है।

विश्व प्रतिष्ठित मिशिगन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि हासिल करने वाले नैनीताल जिले के पूर्व डीएम डॉ. सूर्य प्रताप सिंह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद अब अपनी जिद पर समाज सेवा करेंगे।

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26 साल की नौकरी में 54 ट्रांसफर झेलने के बाद इस दिनों वह युवाओं को शिक्षा और रोजगार के प्रति जागरूक कर रहे हैं। ईमानदारी के लिए चर्चित आईएएस का कहना है कि नेताओं का अहंकार ईमानदारी से काम नहीं करने देता है, लेकिन देश सेवा के जज्बे ने उन्हें अमेरिका में प्रोफेसर की नौकरी करने से रोक दिया।
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मूलरूप से बुलंदशहर के रहने वाले 1982 बैच के आईएएस डॉ. सूर्य प्रताप सिंह 1992 में नैनीताल के डीएम रहे। अमर उजाला से फोन पर बातचीत में उन्होंने बताया कि नैनीताल में उस समय अतिक्रमण जटिल समस्या थी।
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अतिक्रमण के दायरे में आ रहीं डीएम और एसएसपी के बंगले की दीवारों को भी उन्होंने ध्वस्त किया था। हल्द्वानी के कुछ नेताओं की संपत्ति भी अतिक्रमण के अंतर्गत थी। नेताओं ने अपने अहंकार के चलते उनका ट्रांसफर लखनऊ मुख्यालय करा दिया था।

ट्रांसफर के बाद सिर्फ एक बार नैनीताल आया था। 26 साल की नौकरी में 54 ट्रांसफर हुए। मंत्रियों को वह कभी रास नहीं आए। दो साल में छह बार ट्रांसफर किया गया। नकल विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने 155 कालेजों को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया था।

कामकाज में मंत्रियों के हस्तक्षेप के चलते दो साल पहले प्रमुख सचिव सार्वजनिक उत्तम के पद से उन्होंने खुद सेवानिवृत्ति ले ली। इसके बाद युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं। डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ने अमेरिका की मिशिगन यूनिवर्सिटी से एमबीए और पीएचडी की है। इससे पहले उन्होंने एमएससी, एमफिल किया था।

डॉ. सिंह ने बताया कि वह किसी संगठन से जुड़े नहीं हैं। अब तक देश के 68 जिलों में युवाओं को जागरूक कर चुके हैं। हल्द्वानी में भी वह एकल विद्यालय अभियान के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 27 नवंबर को आएंगे। कार्यक्रम के लिए अभियान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमरनाथ जोशी ने बुलाया है।  

तीन दिन तक आफिस में लेटे रहे

डॉ. सूर्यप्रताप सिंह ने बताया कि एक बार गढ़वाल में विकास निगम में कुछ लोगों ने उनका घेराव किया था। उस समय वह तीन दिन तक आफिस में लेटे रहे। अंत में घेराव करने वाले खुद आकर माफी मांगने लगे। लोग उनको आधा पहाड़ी मानने लगे थे। पहाड़ के ईमानदार लोग उनको काफी मानते थे।


नोटबंदी एक साहसिक कदम

आईएएस डॉ. सूर्य प्रताप सिंह का मानना है कि मोदी सरकार की नोटबंदी एक साहसिक कदम है। आम लोगों को प्रधानमंत्री के 50 दिन के समय का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि काला धन रखने वालों के खिलाफ यह कदम उठाया गया है।

लोग दवा और रेलवे स्टेशन पर टिकट के लिए लाइन लगाते हैं। वैसे ही अभी कुछ दिनों तक पैसे के लिए लाइन लगाना ठीक है।     

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