Haldwani: 114 सड़कें बनाने के प्रस्ताव भेजे, स्वीकृति 18 को; सबसे कम हल्द्वानी के लिए योजना बनाकर भेजी थीं
हल्द्वानी के साथ ही कालाढूंगी व लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के वार्डाें व गांवों में तमाम सड़कें चलने लायक नहीं हैं। लोनिवि की ओर से इस वित्तीय वर्ष में 114 सड़कें बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था, लेकिन स्वीकृति केवल 18 को ही मिल पाई है।
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कालाढूंगी, लालकुआं व हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में बदहाल पड़ी सड़कों की सूरत बदलने में अभी समय लगेगा। लोनिवि की ओर से इस वित्तीय वर्ष में 114 सड़कें बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था, लेकिन स्वीकृति केवल 18 को ही मिल पाई है। इनमें सबसे अधिक सड़कें कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र की हैं।
नगर निगम हल्द्वानी के साथ ही कालाढूंगी व लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के वार्डाें व गांवों में तमाम सड़कें चलने लायक नहीं रह गई हैं। लिंक व आंतरिक मार्गाें के पुनर्निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में इनके प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे थे। इनमें अधिकांश प्रस्ताव आठ माह से लंबित पड़े हैं। चिंता वाली बात यह है कि इस वित्तीय वर्ष का अब केवल डेढ़ महीना बचा है। इस अवधि में सड़कों के लिए धनराशि न मिली तो हजारों की आबादी सड़कों के गड्ढों में हिचकोले खाने को विवश होगी।
कालाढूंगी के सबसे अधिक 60 प्रस्ताव
कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र से सबसे अधिक 60 सड़कों के प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें 11 सड़कों को स्वीकृति मिली है। इनके निर्माण पर 7.96 करोड़ की लागत आएगी। वित्तीय वर्ष में इस विधानसभा में पनचक्की चौराहे से कमलुवागांजा तक नहर कवरिंग कार्य के लिए भी 3.8 किमी सड़क के लिए 12.45 करोड़ की राशि भी स्वीकृत हुई है। लालकुआं विधानसभा में 49 प्रस्ताव में से चार ही सड़कों के प्रस्ताव पास हुए। यहां करीब सात किमी. सड़कों के निर्माण पर 2.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र की पांच में से दो सड़कों को स्वीकृति मिली है। इनमें सुभाषनगर, ठंडी सड़क, दमुवाढूंगा, लालडांठ क्षेत्र के संपर्क व आंतरिक मार्ग शामिल हैं। करीब छह किमी सड़कों पर 4.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जिन सड़कों की स्वीकृति मिली है, उनमें से कुछ के कार्य प्रगति पर है और कुछ के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। लंबित प्रस्ताव में छोटी-छोटी सड़कें हैं, उनमें कुछ आपत्तियां लगी हैं। उन्हें दूर करने के लिए सहायक अभियंता देहरादून गए हैं। इनके निर्माण की प्रक्रिया समयावधि में पूरी कर ली जाएगी। -रत्नेश सक्सेना, अधिशासी अभियंता लोनिवि हल्द्वानी