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अब दो हजार के नोट के छुट्टे कहां से लाएं
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:43 AM IST
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बैंक से नए नोट मिलने के बाद अब बाजार में ग्राहक भी आने शुरू हो गए हैं, लेकिन ग्राहकों के पास दो-दो हजार के नोट होने से अब छोटे नोटों की समस्या पैदा हो गई है। 2300 का सामान खरीदने पर ग्राहक को 1700 रुपए वापस करने में दुकानदारों के पसीने छूट जा रहे हैं।
सोमवार को अमर बर्तन भंडार पर एक दंपति ने 2300 रुपए के बर्तन खरीदे और भुगतान में दो-दो हजार के दो नोट दुकान स्वामी राजीव अग्रवाल को थमा दिए। लेकिन, 1700 रुपए वापस करने में छुट्टे की समस्या सामने आ गई। दुकानदार ने पहले तो ग्राहक से कई बार खुले पैसे ढूंढने का आग्रह किया, जब ग्राहक ने खुले पैसे न होने की बात कही तो दुकान स्वामी ने मजबूरी में सौ-सौ रुपए के 17 नोट निकाल कर किसी तरह पैसे वापस किए।
इसी तरह साड़ी की दुकान पर 600 से लेकर 800 की रेंज की साड़ियां खरीदने वाले ग्राहकों को दो-दो हजार के नोट के एवज में खुले वापस करने में दुकानदारों को खासी दिक्कत हो रही थी। रेडीमेड गारमेंट दुकान के स्वामी देवेश अग्रवाल ने बताया कि दो हजार के खुले पैसे न होने की वजह से ग्राहकों को लौटाना भी पड़ रहा है। कमोवेश यही हाल दूसरी वस्तुओं की दुकानों पर रहा।
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बाजार में दो हजार का बड़ा नोट छोटे दुकानदारों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। रामपुर रोड पर किराना की एक दुकान पर आए ग्राहक ने दुकानदार से दूध की तीन थैलियां मांगी। इसके अलावा 20 रुपए का अन्य सामान भी लिया। जब पैसे देने की बारी आई तो ग्राहक ने दो हजार का नोट थमा दिया। एक तो बड़ा नोट उस पर से सुबह का समय, मजबूरी में दुकानदार अपना सामान ही नहीं बेच सका और ग्राहक को लौटा दिया।
हल्द्वानी। 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद अगले दिन नौ नवंबर से लेकर दो-तीन दिन तक बाजार में सबसे अधिक भीड़ सर्राफा की दुकानों पर ही थी। कुछ बड़े ज्वैलर्स के यहां से धनाड्य लोगों ने जमकर खरीददारी की और अपने बड़े नोट खपाए। दस ग्राम सोना करीब 32 हजार के स्थान पर 45 से 55 हजार रुपए के भाव तक बिकने की चर्चा रही थी। सोने के बिस्कुट भी बिकने की चर्चा बाजार में खूब चली। इधर, देश के दूसरे स्थानों पर छापे पड़ने की खबरों के बाद सर्राफा दुकानों में अब भीड़ दिखना बंद हो गई है। इक्का-दुक्का ग्राहक ही बैठे दिख रहे हैं।
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सोमवार को अमर बर्तन भंडार पर एक दंपति ने 2300 रुपए के बर्तन खरीदे और भुगतान में दो-दो हजार के दो नोट दुकान स्वामी राजीव अग्रवाल को थमा दिए। लेकिन, 1700 रुपए वापस करने में छुट्टे की समस्या सामने आ गई। दुकानदार ने पहले तो ग्राहक से कई बार खुले पैसे ढूंढने का आग्रह किया, जब ग्राहक ने खुले पैसे न होने की बात कही तो दुकान स्वामी ने मजबूरी में सौ-सौ रुपए के 17 नोट निकाल कर किसी तरह पैसे वापस किए।
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इसी तरह साड़ी की दुकान पर 600 से लेकर 800 की रेंज की साड़ियां खरीदने वाले ग्राहकों को दो-दो हजार के नोट के एवज में खुले वापस करने में दुकानदारों को खासी दिक्कत हो रही थी। रेडीमेड गारमेंट दुकान के स्वामी देवेश अग्रवाल ने बताया कि दो हजार के खुले पैसे न होने की वजह से ग्राहकों को लौटाना भी पड़ रहा है। कमोवेश यही हाल दूसरी वस्तुओं की दुकानों पर रहा।
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बाजार में दो हजार का बड़ा नोट छोटे दुकानदारों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। रामपुर रोड पर किराना की एक दुकान पर आए ग्राहक ने दुकानदार से दूध की तीन थैलियां मांगी। इसके अलावा 20 रुपए का अन्य सामान भी लिया। जब पैसे देने की बारी आई तो ग्राहक ने दो हजार का नोट थमा दिया। एक तो बड़ा नोट उस पर से सुबह का समय, मजबूरी में दुकानदार अपना सामान ही नहीं बेच सका और ग्राहक को लौटा दिया।
हल्द्वानी। 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद अगले दिन नौ नवंबर से लेकर दो-तीन दिन तक बाजार में सबसे अधिक भीड़ सर्राफा की दुकानों पर ही थी। कुछ बड़े ज्वैलर्स के यहां से धनाड्य लोगों ने जमकर खरीददारी की और अपने बड़े नोट खपाए। दस ग्राम सोना करीब 32 हजार के स्थान पर 45 से 55 हजार रुपए के भाव तक बिकने की चर्चा रही थी। सोने के बिस्कुट भी बिकने की चर्चा बाजार में खूब चली। इधर, देश के दूसरे स्थानों पर छापे पड़ने की खबरों के बाद सर्राफा दुकानों में अब भीड़ दिखना बंद हो गई है। इक्का-दुक्का ग्राहक ही बैठे दिख रहे हैं।