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छात्राओं के खिलाफ सबसे बड़ी हिंसा है छेड़छाड़
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रुद्रपुर जीजीआई में अपराजिता कार्यक्रम में शपथ पत्रों के साथ छात्राएं।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को जीजीआईसी फाजलपुर महरौला में छात्राओं के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें भ्रूण हत्या, छेड़छाड़, बाल विवाह और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूक किया गया। इस दौरान 61 छात्राओं ने अपराजिता के संकल्प पत्र भरे।
जीजीआईसी फाजलपुर महरौला रुद्रपुर में सखी वन स्टॉप सेंटर के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में छात्राओं को महिला अधिकारों और कानूनों की जानकारी दी गई। सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कविता बडोला ने कहा कि आज समाज में छोटी बच्चियां भी छेड़छाड़ और दूसरी आपराधिक घटनाओं का शिकार हो रही हैं।
छेड़छाड़ किसी भी महिला या छात्रा के खिलाफ होने वाली सबसे बड़ी हिंसा है। इस तरह की घटनाओं पर छात्राओं को तुरंत अपनी प्रिंसिपल या अभिभावकों से शिकायत करें। छात्राओं ने छेड़छाड़ की घटनाओं के साथ ही समाज में व्याप्त घरेलू हिंसा, बाल विवाह व कन्या भ्रूण आदि का विरोध करने का भी संकल्प लिया। इस दौरान शिक्षिका संगीता नेगी, सखी वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर सीमा गुणवंत आदि थे।
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आज के समाज में बेटियों को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लामबंद होना चाहिए। इन बुराइयों को डटकर मुकाबला करके ही खत्म किया जा सकता है। - पार्वती देवी, (प्रधानाचार्य), शुभा रावत, शिक्षिका।
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यदि कोई व्यक्ति महिलाओं या छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का प्रयास करता है तो उसे सबक सिखाना बेहद जरूरी है, ताकि वह भविष्य में दोबारा इस तरह की नापाक कोशिश न कर सके। - शेहरीन शेख, सोफिया।
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यदि छात्राओं के साथ कोई रिश्तेदार अथवा परिचित भी छेड़छाड़ करता है तो इसकी शिकायत तुरंत माता-पिता से करनी चाहिए। इन्हें छुपाना नहीं चाहिए।
कृष्णा कुमारी, आंचल गुप्ता।
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महिलाएं अब पुरुषों से किसी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। हमें सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए ताकि समाज में महिलाओं के साथ अन्याय न हो सके। - अनीता, शिवानी।
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जीजीआईसी फाजलपुर महरौला रुद्रपुर में सखी वन स्टॉप सेंटर के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में छात्राओं को महिला अधिकारों और कानूनों की जानकारी दी गई। सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी कविता बडोला ने कहा कि आज समाज में छोटी बच्चियां भी छेड़छाड़ और दूसरी आपराधिक घटनाओं का शिकार हो रही हैं।
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छेड़छाड़ किसी भी महिला या छात्रा के खिलाफ होने वाली सबसे बड़ी हिंसा है। इस तरह की घटनाओं पर छात्राओं को तुरंत अपनी प्रिंसिपल या अभिभावकों से शिकायत करें। छात्राओं ने छेड़छाड़ की घटनाओं के साथ ही समाज में व्याप्त घरेलू हिंसा, बाल विवाह व कन्या भ्रूण आदि का विरोध करने का भी संकल्प लिया। इस दौरान शिक्षिका संगीता नेगी, सखी वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर सीमा गुणवंत आदि थे।
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आज के समाज में बेटियों को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लामबंद होना चाहिए। इन बुराइयों को डटकर मुकाबला करके ही खत्म किया जा सकता है। - पार्वती देवी, (प्रधानाचार्य), शुभा रावत, शिक्षिका।
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यदि कोई व्यक्ति महिलाओं या छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का प्रयास करता है तो उसे सबक सिखाना बेहद जरूरी है, ताकि वह भविष्य में दोबारा इस तरह की नापाक कोशिश न कर सके। - शेहरीन शेख, सोफिया।
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यदि छात्राओं के साथ कोई रिश्तेदार अथवा परिचित भी छेड़छाड़ करता है तो इसकी शिकायत तुरंत माता-पिता से करनी चाहिए। इन्हें छुपाना नहीं चाहिए।
कृष्णा कुमारी, आंचल गुप्ता।
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महिलाएं अब पुरुषों से किसी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। हमें सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए ताकि समाज में महिलाओं के साथ अन्याय न हो सके। - अनीता, शिवानी।