छलका दर्द: बाघ ने बेटी को मारा...मर गए पिता के सपने, बोले- देहरादून से घर नहीं आती तो बच जाती निकिता की जान
भीमताल में बेटी निकिता की मौत पर हर किसी के आंखों में आंसू हैं और वन विभाग के प्रति गुस्सा भी। बेटी के पिता विपिन चंद्र रो रहे थे। अधिकारियों को कोस रहे थे। कह रहे थे आज आंगन में जितनी भीड़ जुटी है उसकी कल्पना उन्होंने बेटी की शादी के लिए की थी।
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भीमताल में एक जवान बेटी जो खुद घर से सैकड़ों किमी दूर रहकर न सिर्फ अपने बल्कि पिता के सपनों को साकार करने में जुटी थी उसे नरभक्षी ने शिकार बना दिया। एक परिवार की उम्मीदें टूट गईं। बेटी की मेहनत और जुनून खत्म हो गई। पिता के सपने पलभर में बिखर गए। अपने संघर्ष से मेहनत-मजदूरी करने वाले पिता का हाथ बंटाने वाली बिटिया परिवार को रोता छोड़ गई। परिवार के हिस्से अब संवदेना के सिवाय और कुछ नहीं है।
भीमताल ब्लॉक की ग्राम पंचायत अलचौना के तोक ताड़ा के विपिन चंद्र शर्मा के घर मंगलवार को लोगों का जमघट लगा था। बेटी निकिता की मौत पर हर किसी के आंखों में आंसू थे और वन विभाग के प्रति गुस्सा भी। विपिन चंद्र रो रहे थे। अधिकारियों को कोस रहे थे। कह रहे थे आज आंगन में जितनी भीड़ जुटी है उसकी कल्पना उन्होंने बेटी की शादी के लिए की थी। क्या यही दिन देखना था। जिस बेटी को उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर पाला, पढ़ाया लिखाया आज वह नरभक्षी की शिकार बन गई।
विपिन चंद्र के अनुसार उनके तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी देहरादून में जॉब करती हैं। निकिता दूसरे नंबर की थी। वह भी देहरादून में ही जॉब कर रही थी। बेटा हल्द्वानी से होटल मैनेजमेंट कर रहा है। गांव में ही नया मकान बनाने के लिए निकिता को घर बुलाया गया था। बेटी को नहीं बुलाया होता तो शायद वह जिंदा होती। मां इंदिरा देवी भी बदहवास थीं। वह बेटी के शव से लिपटकर दहाड़े मार रही थीं। कोई मेरी बेटी को वापस ले आओ..कुछ बोलो बेटी... यही शब्द बार-बार दोहरा रही थी।
बंदूक दे दो नरभक्षी को खत्म कर दूंगा
विपिन चंद्र ने वहां मौजूद वन विभाग और पुलिस के अधिकारियों से कहा कि उन्हें बंदूक दे दो वह अपने हाथों से उस नरभक्षी को खत्म कर देंगे जिसने उनकी बेटी को मार दिया है, जिससे नरभक्षी फिर किसी की बेटी को न मार सके।
पिता का गुस्सा
विपिन चंद्र शर्मा ने कहा कि उन्होंने तीन महीने पहले और सोमवार को भी क्षेत्र में बाघ दिखने की सूचना वन विभाग को दी थी लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। विभाग की लापरवाही से बेटी की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं, उनकी बेटी दिला दो। उन्होंने वन विभाग पर ड्रोन उड़ाने तक सीमित रहने का भी आरोप लगाया।