झूलाघाट/पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के राहत शिविर में नेेपाल के तीन भाई अपने पिता की क्रिया कर रहे है। सूचना मिलने के बाद दोनों देशों के अधिकारियों की सहमति पर बुधवार देर शाम झूलापुल खोल कर तीनों मजदूरों को नेपाल भेज दिया है।
दो दिन पहले अड़किनी के ठेकेदार ने 13 नेपाली मजदूरों को निकाल दिया था। सभी नेपाली मजदूरों को एसएसबी ने पकड़कर झूलाघाट पुलिस को सौंप दिया। इनमें से बैतड़ी जिले के उत्तीसपाटा वार्ड नंबर तीन पुरचूड़ी के राम सिंह धामी, अमर सिंह धामी और प्रेम सिंह धामी 19 अप्रैल को हुई पिता की मृत्यु के बाद क्रियाक्रम कर रहे हैं। तीनों ने सफेद कपड़े पहनने के साथ ही भोजन भी नहीं किया था। सभी को पिथौरागढ़ महाविद्यालय में रखा गया था। मामले की जानकारी मिलने पर डीएम ने इस बैतड़ी के सीडीओ आनंद पौडेल को इससे अवगत कराया। बैतड़ी प्रशासन से स्वीकृति के बाद तीनों भाईयों को देर शाम झूलाघाट लाया गया। तहसीलदार हिमांशु जोशी, एसएसबी के निरीक्षक रणवीर सिंह, राजस्व उपनिरीक्षक गोपल डिनिया और उज्ज्वला पुर्नवास संस्था के सचिव सुरेंद्र आर्या की मौजूदगी में तीनों को बैतड़ी सीडीओ के प्रतिनिधि पुष्कर राज जोशी और प्रहरी निरीक्षक गौरी प्रसाद जोशी के सुपुर्द किया।