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शोध में बेहतर काम करने वाले सम्मानित होंगे, कुमाऊं विश्वविद्यालय की शोध सलाहकार समिति की बैठक में लिए गए कई फैसले

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 26 Nov 2020 12:59 AM IST
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Those who have done good work in research will be honored, many decisions taken in the meeting of Research Advisory Committee of Kumaon University
कुविवि शोध सलाहकार समिति की बैठक लेते कुलपति प्रो. एनके जोशी। - फोटो : NAINITAL
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय अब शोध में बेहतर कार्य करने वाले शोधार्थियों को सम्मानित करेगा। जिन शोधार्थियों का एक साल में कुल इंपैक्ट फैक्टर 10 होगा उन्हें सम्मानित किया जाएगा। पीएचडी/डीएससी/डीलिट एक विषय में एक अभ्यर्थी एक बार ही कर सकेगा। एक केंद्रीय प्रयोगशाला के निर्माण की भी सैंद्धातिक सहमति दी गई है जहां विभिन्न विषयों के शोधार्थी आवश्यक शुल्क जमाकर अपने सैंपल विश्लेषण करा सकेंगे।
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कुमाऊं विश्वविद्यालय की शोध सलाहकार समिति की बैठक में बुधवार को 39 बिंदुओं पर चर्चा हुई। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एनके जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध का स्तर उठाने के लिए सजगता एवं गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए तीन बिंदुओं पर विशेष कार्य करना होगा। पहला प्रत्येक वर्ष हर एक प्राध्यापक कम से कम एक शोध पत्र यूजीसी केयरलिस्ट जनरल (यूसीजे) में प्रकाशित करना आवश्यक होगा। दूसरा उच्च गुणवत्ता युक्त शोध के लिए शोध निर्देशकों की ओर से पेटेंट के लिए आवेदन किया जाना चाहिए। तीसरा प्रत्येक वर्ष प्राध्यापकों द्वारा कम से कम एक अनुदान एजेंसी को अनुदान के लिए रिसर्च प्रपोजल जमा करना आवश्यक होगा।
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इन पर भी लगी मुहर
-यूजीसी एवं विश्वविद्यालय नियमानुसार पीएचडी प्रवेश के लिए 70 अंक लिखित तथा साक्षात्कार में 30 अंक निर्धारित हैं। साक्षात्कार के लिए गठित समिति में संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष (संयोजक), शोध निदेशक प्रतिनिधि तथा कुलपति द्वारा नामित अंतर के विषय विशेषज्ञ होंगे।
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-आरडीसी में अनुपस्थित रहने वाले प्री.पीएचडी कोर्स पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी को एक वर्ष की छूट मिलेगी। एक वर्ष के बाद उनका प्री.पीएचडी कोर्स निरस्त माना जाएगा और अभ्यर्थी को एक हजार रुपये विलंब शुल्क अलग से देना होगा। इसकी अनुमति भी लेनी होगी यही प्रक्रिया प्रवेश परीक्षा पास अभ्यर्थियों के लिए भी होगी।
-एसएसजे परिसर अल्मोड़ा की स्थापना के बाद सभी पंजीकृत शोधार्थियों की प्री. पीएचडी सेमीनार व मौखिकी परीक्षा डीएसबी परिसर नैनीताल/भीमताल में होगी। अल्मोड़ा में केवल शिक्षा संकाय, विधि संकाय एवं मनोविज्ञान से संबंधित शोधार्थियों की मौखिकी परीक्षा होगी।
-शोध गुणवत्ता बढ़ाने के लिये इस वर्ष शोध में प्रवेश लेने वाले शोधाथियों को शोध प्रबंध जमा करने पर दो शोध पेपर यूजीसी निर्धारित जरनल में प्रकाशित कराना अनिवार्य होगा। इसका मूल्यांकन प्री. पीएचडी सेमीनार में संयोजक की ओर से जाएगा।

-जिन महिला अभ्यर्थियों का पंजीकरण 2012 का है और जिन पुरुष अभ्यर्थियों का पंजीकरण 2014 का है, वे ही पंजीकरण विस्तारण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
बैठक में ये रहे मौजूद
कुलसचिव केआर भट्ट, वित्त अधिकारी एलआर आर्या, डीएसबी परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, निदेशक एसआरआईसीसी प्रो. ललित तिवारी, कार्य परिषद सदस्य प्रकाश पांडे, कैलाश जोशी, अरविंद पडियार, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. एससी सती, प्रो. राजीव उपाध्याय, प्रो. विजयारानी ढौडियाल, प्रो. संजय पंत, प्रो. आशीष तिवारी, प्रो. एमएस मावड़ी, डॉ. महेंद्र चंद्र आर्या, प्रो. आरसी जोशी आदि उपस्थित थे।
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