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विभागों में नहीं तालमेल, हो रहा धन की बर्बादी का खेल
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हल्द्वानी। विभागों में सामंजस्य की भारी कमी है। इससे जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये की बर्बादी हो रही है। जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान कभी भी इस ओर नहीं जाता। सरकारी धन के दुरुपयोग का ताजा मामला तीनपानी से मंडी तक सड़क के किनारे बिछ रही पेयजल लाइनों में सामने आया है। यहां लोनिवि के मना करने के बाद भी विश्व बैंक परियोजना इकाई के तहत जल निगम ने पेयजल लाइन सड़क किनारे बिछाना शुरू कर दिया। फोरलेन सड़क का काम शुरू होने पर इस पेयजल लाइन को शिफ्ट करना होगा।
तीनपानी से मंडी तक फोरलेन हाईवे प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग को यहां सड़क चौड़ी करनी है। शासन ने छह महीने पहले सड़क चौड़ीकरण के लिए बाकायदा प्रथम चरण में एक करोड़ का बजट भी जारी कर दिया। इस बजट से पेड़ कटान, बिजली के पोलों की शिफ्टिंग, पेयजल लाइनें हटानी हैं। लोक निर्माण विभाग ने संबंधित विभागों को बजट भी आवंटित कर दिया है। पेड़ कटान के लिए वन विभाग के पास फाइल लंबित है, जबकि जल्द ही सड़क में काम शुरू होना है।
जहां एक ओर सड़क के किनारों से पेयजल लाइनें शिफ्ट होनी हैं, वहीं जल निगम फुटपाथ को खोदकर उसमें नई पेयजल लाइन बिछाने का काम कर रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का दावा है कि वे डेढ़ महीने पहले ही जल निगम को इस बारे में बता चुके थे। उन्हें पेयजल लाइन सड़क के किनारे से 12 मीटर दूर बिछानी है। इसके बाद भी फुटपाथ में पेयजल लाइन बिछाकर लाखों रुपये का बजट खपाया जा रहा है।
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डीएम धीराज गर्ब्याल का कहना है कि तीनपानी से मंडी तक सड़क चौड़ी होनी है। अगर पेयजल निगम वहां पेयजल लाइन बिछा रहा है तो यह गलत है। इस मामले को दिखवाया जाएगा।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी का कहना है कि तल्ली हल्द्वानी में जल निगम की ओर से विश्व बैंक परियोजना के तहत पेयजल लाइन बिछाई जानी थी। यहां पर सड़क चौड़ीकरण का काम किया जाना है। इसके लिए बजट भी मिल गया है। जल निगम को डेढ़ महीने पहले ही सड़क चौड़ीकरण के लिए बता दिया गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद जेई को मौके पर भेजकर काम रुकवा दिया गया है। साथ ही जल निगम से पेयजल लाइन उखाड़ने के लिए कहा गया है।
जल निगम विश्व बैंक परियोजना के अधिशासी अभियंता हिमांशु वर्मा का कहना है कि लोनिवि ने सर्वे के वक्त बता दिया था कि सड़क का चौड़ीकरण होना है। पेयजल लाइन मौजूदा सड़क से निश्चित दूरी पर बिछाई जानी है। ये बात मजदूरों को नहीं पता थी, उन्होंने सड़क किनारे ही खोदाई शुरू कर दी। जानकारी होने पर काम रुकवा दिया गया है।
जलनिगम के जेई महेश चंद्र का कहना है कि विश्व बैंक योजना के तहत तल्ली हल्द्वानी में 11 करोड़ की लागत से 30 किमी पेयजल लाइन बिछाई जानी है। इसमें मंडी से तीनपानी तक सड़क के किनारे पेयजल लाइन बिछाई जा रही। सड़क के किनारे अतिक्रमण, पेड़ हैं इस कारण पेयजल लाइन फुटपाथ पर बिछाई जा रही है।
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तीनपानी से मंडी तक फोरलेन हाईवे प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग को यहां सड़क चौड़ी करनी है। शासन ने छह महीने पहले सड़क चौड़ीकरण के लिए बाकायदा प्रथम चरण में एक करोड़ का बजट भी जारी कर दिया। इस बजट से पेड़ कटान, बिजली के पोलों की शिफ्टिंग, पेयजल लाइनें हटानी हैं। लोक निर्माण विभाग ने संबंधित विभागों को बजट भी आवंटित कर दिया है। पेड़ कटान के लिए वन विभाग के पास फाइल लंबित है, जबकि जल्द ही सड़क में काम शुरू होना है।
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जहां एक ओर सड़क के किनारों से पेयजल लाइनें शिफ्ट होनी हैं, वहीं जल निगम फुटपाथ को खोदकर उसमें नई पेयजल लाइन बिछाने का काम कर रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का दावा है कि वे डेढ़ महीने पहले ही जल निगम को इस बारे में बता चुके थे। उन्हें पेयजल लाइन सड़क के किनारे से 12 मीटर दूर बिछानी है। इसके बाद भी फुटपाथ में पेयजल लाइन बिछाकर लाखों रुपये का बजट खपाया जा रहा है।
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डीएम धीराज गर्ब्याल का कहना है कि तीनपानी से मंडी तक सड़क चौड़ी होनी है। अगर पेयजल निगम वहां पेयजल लाइन बिछा रहा है तो यह गलत है। इस मामले को दिखवाया जाएगा।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता अशोक चौधरी का कहना है कि तल्ली हल्द्वानी में जल निगम की ओर से विश्व बैंक परियोजना के तहत पेयजल लाइन बिछाई जानी थी। यहां पर सड़क चौड़ीकरण का काम किया जाना है। इसके लिए बजट भी मिल गया है। जल निगम को डेढ़ महीने पहले ही सड़क चौड़ीकरण के लिए बता दिया गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद जेई को मौके पर भेजकर काम रुकवा दिया गया है। साथ ही जल निगम से पेयजल लाइन उखाड़ने के लिए कहा गया है।
जल निगम विश्व बैंक परियोजना के अधिशासी अभियंता हिमांशु वर्मा का कहना है कि लोनिवि ने सर्वे के वक्त बता दिया था कि सड़क का चौड़ीकरण होना है। पेयजल लाइन मौजूदा सड़क से निश्चित दूरी पर बिछाई जानी है। ये बात मजदूरों को नहीं पता थी, उन्होंने सड़क किनारे ही खोदाई शुरू कर दी। जानकारी होने पर काम रुकवा दिया गया है।
जलनिगम के जेई महेश चंद्र का कहना है कि विश्व बैंक योजना के तहत तल्ली हल्द्वानी में 11 करोड़ की लागत से 30 किमी पेयजल लाइन बिछाई जानी है। इसमें मंडी से तीनपानी तक सड़क के किनारे पेयजल लाइन बिछाई जा रही। सड़क के किनारे अतिक्रमण, पेड़ हैं इस कारण पेयजल लाइन फुटपाथ पर बिछाई जा रही है।