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सुप्रीम कोर्ट की अंतरराष्ट्रीय जू पर मुहर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Fri, 13 May 2016 11:16 PM IST
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चिड़ियाघर में पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
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गौलापार में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर पर सुप्रीम कोर्ट की भी मुहर लग गई है। वन महकमे के अनुसार सुप्रीम कोर्ट चिड़ियाघर योजना के प्लान से संतुष्ट है। इसके निर्माण में किसी तरह की आपत्ति नहीं है। सेंट्रल जू अॅथारिटी (सीजेडए) से भी प्लान एप्रूवड हो गया है।
गौलापार में करीब 400 हेक्टेयर में जू का निर्माण प्रस्तावित है। वनाधिकारियों के अनुसार चिड़ियाघर निर्माण से पहले सुप्रीम कोर्ट और सीजेडए से अनुमति हासिल करना जरूरी होता है। डीएफओ और जू के सीईओ डा. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि किसी भी नये चिड़ियाघर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से हो सकता है। इसी के तहत पिटिशन दाखिल की गई थी। इसमें योजना का उद्देश्य, वन्यजीवों की संख्या (कौन-कौन सी प्रजाति रखी जाएंगी), उनके रखरखाव, स्वास्थ्य, बिजली, पानी से लेकर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा के बारे में सभी कुछ बताना होता है।
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इसके अलावा चिड़ियाघर की सीमा, उसके पीलर तक का उल्लेख करना होता है। डा. धकाते ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट जू की योजना से संतुष्ट है, उसे किसी तरह की आपत्ति नहीं है। अब अगर भविष्य में योजना, सीमा आदि में भी कोई बदलाव करना होगा, तो उसकी अनुमति सुप्रीम कोर्ट से लेनी होगी। इसी तरह सेंट्रल जू अथारिटी को भी कोई आपत्ति नहीं है। बाउंड्री आदि बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। पूर्व में जू की अलग रेंज से लेकर अधिकारियों की तैनाती का काम भी हो चुका है।
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