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प्रधानाचार्य के उत्पीड़न से त्रस्त छात्र ने नुवान पीया

Thu, 04 Jun 2015 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,नैनीताल
ब्यूरो/अमर उजाला,नैनीताल Updated Thu, 04 Jun 2015 12:43 AM IST
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The principal victims of persecution student drank Nuwan

जीआईसी पटवाडांगर से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण कर 11वीं में पहुंचे छात्र ने प्रधानाचार्य पर उत्पीड़न और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए उन्हीं के सामने विद्यालय में नुवान पीकर जान देने की कोशिश की। उल्टियां करते हुए घर लौट रहा छात्र रास्ते में ही बेहोश हो गया। एएनएम और पूर्व बीडीसी सदस्य ने छात्र को बीडी पांडे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों ने भी प्रधानाचार्य पर बच्चे के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। हालांकि छात्र का अभी विद्यालय में औपचारिक रूप से एडमिशन नहीं हुआ है।

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अस्पताल में थोड़ी तबियत ठीक होने पर देवीधूरा निवासी नीतेश आर्य (17) पुत्र ओमप्रकाश आर्य ने बताया कि वह जीआईसी पटवाडांगर से हाईस्कूल पास हुआ है। वह रोज की तरह बुधवार सुबह विद्यालय गया। छात्र नितेश ने बताया कि प्रधानाचार्य उस पर एक लड़की से फोन पर बात करने की बात कहते हुए पिछले तीन दिनों से उसे सार्वजनिक रूप से डांट रहे थे।
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बुधवार को उसने उनकी इन बातों से गुस्सा कर प्रधानाचार्य के सामने ही नुवान पीकर जान देने की कोशिश की। उसकी मां सुशीला देवी, पिता ओमप्रकाश और भाई कुलदीप ने प्रधानाचार्य पर आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य ने उनके घर में भी नोटिस भेजा कि उनके लड़के की हरकतें ठीक नहीं हैं।
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नोटिस के बाबत नीतेश की मां तीन दिन पूर्व विद्यालय में प्रधानाचार्य से मिलने भी गई थीं। पिता ओमप्रकाश ने कहा कि वह आईटीआई हल्द्वानी में कार्यरत हैं। पूर्व बीडीसी सदस्य हरीश धामी ने उन्हें फोन पर सूचना दी, तभी वह यहां आए।

पटवाडांगर की एएनएम संतोष चंद्रा ने बताया कि छात्र विद्यालय के रास्ते में अचेत पड़ा था। उसे उल्टियां हुई थीं। उन्होंने पूर्व बीडीसी सदस्य हरीश धामी को फोन किया। छात्र को वह किसी तरह विद्यालय ले गईं। हरीश धामी के आने पर वह और धामी निजी वाहन बुक कराकर छात्र को गंभीर हाल में बीडी पांडे अस्पताल लाए। छात्र का इलाज कर रहे इमरजेंसी मेडिकल आफीसर डा. बीएस नेगी ने बताया कि हालांकि छात्र बोल रहा है, लेकिन अभी कुछ कह नहीं सकते। पूर्व बीडीसी सदस्य हरीश धामी ने परिजनों के आरोपों को गंभीर बताते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।


इनका कहना
छात्र का किसी तरह का उत्पीड़न नहीं किया गया है। अभी तो विद्यालय में विधिवत एडमिशन भी नहीं हुए हैं। मेरे सामने छात्र ने नुवान नहीं पीया। परिजन उत्पीड़न का बेवजह आरोप लगा रहे हैं।
- डा. नवीन कफल्टिया, प्रधानाचार्य जीआईसी पटवाडांगर।

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