फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   The person who completed the last journey of others did not find a charioteer for his own journey

Nainital News: दूसरों के अंतिम सफर को पूरा करने वाले को नहीं मिला अपनी यात्रा का सारथी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 25 Aug 2025 02:04 AM IST
विज्ञापन
The person who completed the last journey of others did not find a charioteer for his own journey
हल्द्वानी। जीवनभर दूसरों की जान के लिए सायरन बजाकर एंबुलेंस दौड़ाने वाले मनोज बेलवाल ने संदिग्ध हालात में खंडहर में दम तोड़ दिया। कोरोना काल में जब लोग अपनों को छूने से डर रहते थे, तब सैकड़ों लाशों को कंधा देने वाले चालक के बेजान शरीर को उठाने के लिए किसी के हाथ नहीं बढ़े। आखिरकार जब दुर्गंध असहनीय हो गई तो पुलिस ने पर्यावरण मित्रों को बुलाकर शव को मोर्चरी तक पहुंचाया।
विज्ञापन


रविवार को रोडवेज स्टेशन में तेज दुर्गंध आने पर यात्रियों का खड़ा होना मुश्किल हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो परिसर से लगी तहसील के खंडहर से एक शव बरामद हुआ। अपने चचेरे भाई के साथ पहुंचे प्रेम ने शव की शिनाख्त भाई मनोज बेलवाल (43) के रूप में की।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि पूर्व में मनोज बेस अस्पताल में एंबुलेंस चालक था। वर्ष 2019-20 में जब कोरोना आया तो मनोज ने अकेले ही महामारी की चपेट में आए सैकड़ों लोगों के शव उठाकर मोक्ष द्वार तक पहुंचाए। आज जब उसके शव को उठाने की बारी आई तो मौके पर जुटी भीड़ तमाशबीन बनी रही। दुर्गंध के कारण कोई भी शव उठाने के लिए तैयार नहीं हुआ। कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि शव को उठाने के लिए पर्यावरण मित्रों को बुलाया गया। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। रिपोर्ट आने पर मौत के कारणों का सही पता चलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

---

पत्नी की मौत से अवसाद में चला गया था

मूलरूप से बेतालघाट के रहने वाले मनोज बेलवाल (43) बेस अस्पताल में एक कमरे में रहते थे। पांच वर्ष पहले पत्नी का कैंसर से निधन होने के बाद से वह अवसाद में थे। इस कारण शराब के भी आदी हो गए। उनकी इकलौती बेटी मेरठ में अपने ननिहाल चली गई। पुलिस के अनुसार वर्ष 2022 में मनोज का तबादला हो गया था। लेकिन वह ड्यूटी ज्वाइन करने नहीं गए। तीन साल पहले उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। बेस में मिला कमरा भी छीन लिया गया। इसके बाद वह सड़क पर दिन गुजारने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed