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Elephant Day: साल दर साल हाथी तो बढ़े पर कॉरिडोर हुआ प्रभावित, बेहतर संरक्षण के चलते संख्या में हो रहा इजाफा

Mon, 12 Aug 2024 12:51 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 12 Aug 2024 12:51 PM IST
सार

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हाथी संरक्षण का बेहतर प्रबंधन है, जिसका सबूत साल दर साल हाथियों की संख्या में होती बढ़ोतरी है। हालांकि हाथी कॉरिडोर बाधित हुए हैं, जिनको ईको सेंसिटिव जोन घोषित किया जा रहा है।

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The number of elephants is increasing in Corbett Tiger Reserve Ramnagar
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI

विस्तार

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हाथी संरक्षण का बेहतर प्रबंधन है, जिसका सबूत साल दर साल हाथियों की संख्या में होती बढ़ोतरी है। हालांकि हाथी कॉरिडोर बाधित हुए हैं, जिनको ईको सेंसिटिव जोन घोषित किया जा रहा है। इसके अलावा कॉरिडोर में हुए अवैध निर्माण को हटाया जाएगा ताकि हाथियों की आवाजाही में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं हो।

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राजाजी पार्क, सीटीआर से नेपाल तक हाथी आते- जाते हैं। बाधित हाथी कॉरिडोर को लेकर सितंबर 2022 में नैनीताल हाईकोर्ट ने इंडिपेंडेंट मेडिकल इनीशिएटिव संस्था की 2019 की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाथी कॉरिडोर को ईको सेंसिटिव जोन का दर्जा देने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) ने हाथी कॉरिडोर को ईको सेंसिटिव जोन घोषित करने की कार्यवाही शुरू की, जो अब पूर्ण हो चुकी है।

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सेटेलाइट मानचित्र के आधार पर हाथियों के आवागमन के रास्तों की पहचान कर ली गई है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अलावा रामनगर वन प्रभाग भी इस पर कार्यवाही कर रहा है। बता दें कि हाथी कॉरिडोर वाले रास्ते पर हुए अंधाधुंध व्यावसायिक निर्माण, बढे़ मानवीय दखल से हाथियों को रास्ता नहीं मिलता और वह आक्रमक हो जाते हैं।

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ये हैं प्रमुख हाथी कॉरिडोर

- रिंगौड़ा-बिजरानी कॉरिडोर

- चिल्किया-कोटा कॉरिडोर

- मोहान-कुमेरिया-कोसी कॉरिडोर

- रवासन-सोना नदी-कालागढ़ कॉरिडोर

हाथी की विशेषता
हाथी विश्व के लिए बहुत ही जरूरी प्राणी है। हाथी जंगल में रहने वाले दूसरे वन्यजीव के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में मदद करते हैं। हाथी झुंड में चलते हैं जिससे घने जंगलों में रास्ता बनते है जो दूसरे जानवरों के लिए बहुत मददगार होता है। वर्तमान में देश के 14 राज्यों में लगभग 65000 वर्ग किलोमीटर में हाथियों के लिए 30 वन क्षेत्र सुरक्षित हैं। हाल फिलहाल में जितनी तेजी से मानव हाथी संघर्ष की घटनाएं हुई हैं, वह चिंता का विषय है। हाथियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि वन विभाग, गैर सरकारी संस्थाएं और पर्यावरण प्रेमियों द्वारा सामूहिक रूप से इनके संरक्षण का कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए।

कॉर्बेट पार्क में साल दर साल संख्या
हाथी गणना के अनुसार 2005 में 638, 2007 में 622, 2015 में 1035 और 2020 में 1226 हाथी रिकॉर्ड हुए थे। सीटीआर निदेशक डा. साकेत बडोला ने बताया 2020 के बाद कॉर्बेट पार्क में हाथियों की गणना नहीं हुई है। ऐसे में जल्द ही हाथियों की गणना कराई जाएगी और बाधित कॉरिडोर से अतिक्रमण हटाया जाएगा।

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