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मेयर और पार्षदों पर गिर सकती है गाज
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल
Updated Tue, 05 Jul 2016 12:15 AM IST
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हाईकोर्ट ने नगरनिगम रूद्रपुर में नजूल भूमि पर मेयर सहित 14 पार्षदों की ओर से किए गए कब्जे के मामले में कुमाऊं आयुक्त नैनीताल को चार सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रूद्रपुर निवासी पूर्व सभासद रामबाबू ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि रूद्रपुर की मेयर सोनी कोली व 14 पार्षदों द्वारा चुनाव के समय चुनाव आयोग के समक्ष झूठा शपथपत्र पेश कर कहा कि उनके द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं किया गया है।
चुनाव जीतने के बाद मेयर सहित 14 पार्षदों के संबंध में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी गई तो सूचना में नगरनिगम की ओर से बताया गया कि सभी ने सरकारी भूमि में कब्जा किया है। इस आधार पर याचिकाकर्ता ने उनका निर्वाचन निरस्त किए जाने की मांग शासन प्रशासन व चुनाव आयोग से की लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। याचिकाकर्ता की ओर से मेयर पर 2.47 करोड की वित्तिय अतियमितताओं का भी आरोप लगाया है। जिसकी पुष्टि जिलाधिकारी उधमसिंह नगर के निर्देश पर सीडीओ द्वारा की गई जांच में की गई है।
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बता दें कि 16 फरवरी 2016 को शासन द्वारा पूर्व में ही पार्षद ललित मिगलानी को नोटिस जारी किया जा चुका है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कुमाऊं आयुक्त नैनीताल को चार सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए।
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मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रूद्रपुर निवासी पूर्व सभासद रामबाबू ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि रूद्रपुर की मेयर सोनी कोली व 14 पार्षदों द्वारा चुनाव के समय चुनाव आयोग के समक्ष झूठा शपथपत्र पेश कर कहा कि उनके द्वारा सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं किया गया है।
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चुनाव जीतने के बाद मेयर सहित 14 पार्षदों के संबंध में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी गई तो सूचना में नगरनिगम की ओर से बताया गया कि सभी ने सरकारी भूमि में कब्जा किया है। इस आधार पर याचिकाकर्ता ने उनका निर्वाचन निरस्त किए जाने की मांग शासन प्रशासन व चुनाव आयोग से की लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। याचिकाकर्ता की ओर से मेयर पर 2.47 करोड की वित्तिय अतियमितताओं का भी आरोप लगाया है। जिसकी पुष्टि जिलाधिकारी उधमसिंह नगर के निर्देश पर सीडीओ द्वारा की गई जांच में की गई है।
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बता दें कि 16 फरवरी 2016 को शासन द्वारा पूर्व में ही पार्षद ललित मिगलानी को नोटिस जारी किया जा चुका है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कुमाऊं आयुक्त नैनीताल को चार सप्ताह के भीतर जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए।