{"_id":"5e98a0028ebc3e6fc8492e9b","slug":"the-high-court-has-demanded-up-to-18-replies-from-the-central-and-state-government-in-the-case-nainital-news-hld3803070163","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन की अवधि के बिजली-पानी, फोन के बिल हों माफ हाईकोर्ट ने मामले में केंद्र और राज्य सरकार से 18 तक मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन की अवधि के बिजली-पानी, फोन के बिल हों माफ हाईकोर्ट ने मामले में केंद्र और राज्य सरकार से 18 तक मांगा जवाब
विज्ञापन
प्रतीकात्मक फोटो।
नैनीताल। हाईकोर्ट ने कोविड-19 के संक्रमण के चलते लागू लॉकडाउन की अवधि के बिजली-पानी और टेलीफोन के बिलों को माफ करने तथा सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट उपलब्ध कराने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार व केंद्र सरकार को 18 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से याचिका पर सुनवाई की। हल्द्वानी निवासी अधिवक्ता राजेंद्र आर्य ने हाईकोर्ट में ऑनलाइन जनहित याचिका दायर कर कहा था कि लॉकडाउन की वजह से समाज के बड़े वर्ग की आमदनी पूरी तरह बंद है।
ऐसे में लॉकडाउन की अवधि के बिजली, पानी व टेलीफोन के बिलों को माफ किया जाए। साथ ही कोरोना के खिलाफ जंग में सेवाएं दे रहे सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट उपलब्ध कराई जाए। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि जब स्कूल व अन्य ऑफिस खुलें तो उन्हें सैनिटाइज करने के साथ ही उनमें मेडिकल सुविधा की व्यवस्था की जाए।
विज्ञापन
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इससे संबंधित दायर एक अन्य जनहित याचिका जिसमें डॉक्टरों की सुरक्षा करने की बात कही गई थी, साथ क्लब कर दी है। बृहस्पतिवार को सुनवाई में प्रदेश के महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, मुख्य स्थाई अधिवक्ता परेश त्रिपाठी, स्टैंडिंग काउंसिल अनिल बिष्ट व योगेश पांडेय तथा केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता संजय भट्ट सहित अन्य अधिवक्ता शामिल हुए।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से याचिका पर सुनवाई की। हल्द्वानी निवासी अधिवक्ता राजेंद्र आर्य ने हाईकोर्ट में ऑनलाइन जनहित याचिका दायर कर कहा था कि लॉकडाउन की वजह से समाज के बड़े वर्ग की आमदनी पूरी तरह बंद है।
विज्ञापन
ऐसे में लॉकडाउन की अवधि के बिजली, पानी व टेलीफोन के बिलों को माफ किया जाए। साथ ही कोरोना के खिलाफ जंग में सेवाएं दे रहे सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट उपलब्ध कराई जाए। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि जब स्कूल व अन्य ऑफिस खुलें तो उन्हें सैनिटाइज करने के साथ ही उनमें मेडिकल सुविधा की व्यवस्था की जाए।
विज्ञापन
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इससे संबंधित दायर एक अन्य जनहित याचिका जिसमें डॉक्टरों की सुरक्षा करने की बात कही गई थी, साथ क्लब कर दी है। बृहस्पतिवार को सुनवाई में प्रदेश के महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, मुख्य स्थाई अधिवक्ता परेश त्रिपाठी, स्टैंडिंग काउंसिल अनिल बिष्ट व योगेश पांडेय तथा केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता संजय भट्ट सहित अन्य अधिवक्ता शामिल हुए।