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Nainital News: पद सृजन पर अटका 659 कर्मियों का भविष्य

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jun 2025 02:16 AM IST
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The future of 659 employees is stuck on creation of posts
प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज में 659 उपनल कर्मचारियों की नौकरी का मामला पद सृजन के पेंच में उलझ गया है। गंभीर बात यह है कि कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर अब तक कॉलेज के साथ बिना किसी करार और पद सृजित किए सभी को नियुक्ति दी गई। अब वेतन का मामला अटका तो बात आखिरकार पदों के सृजन पर ही अटक गई है। ऐसे में सवाल यह है कि पद सृजन का मामला अब तक संज्ञान में क्यों नहीं लिया गया।
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उपनल कर्मी सालों से अस्पताल में काम कर रहे हैं। इस दौरान कर्मचारियों का किसी भी तरह का मेडिकल कॉलेज से कोई करार नहीं हुआ है। महत्वपूर्ण बात यह है कि आरटीआई, कानूनी कार्य, एचआरडी जैसे जिम्मेदार विभाग का काम भी उपनल कर्मियों से लिया जाता है। 659 कर्मचारियों के तीन माह का वेतन साढ़े तीन करोड़ से अधिक है। वित्त विभाग का कहना है कि पदों का सृजन न होने से वेतन रिलीज नहीं किया जा सकता है।
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अपनों का रखने का सिलसिल और संख्या पहुंच गई 659
दरअसल वर्ष 2010 में सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज का राजकीयकरण हुआ। इस दौरान यहां आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से करीब 350 कर्मचारी रखे गए थे। 2011 में फिर उपनल के माध्यम से कर्मचारियों को रखा जाने लगा। यह क्रम 2014 तक चला और जनप्रतिनिधियों, परिचितों या फिर चहेतों का दबाव यहां के तत्कालीन प्रशासकों पर पड़ा तो उपनल कर्मियों की संख्या बढ़ते हुए 659 पहुंच गई।
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समायोजित किया जा सकता है
अधिकारियों की मानें तो पदाें का सृजन करने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पदों के सापेक्ष एक ही मेडिकल कॉलेज में रखना मुश्किल होगा। सूत्रों के मुताबिक 2011 से पूर्व आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से रखे गए कर्मचारियों को रखा जा सकता है। जबकि अन्य कर्मचारियों को अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज में भेजा जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय शासन और वित्त विभाग को ही लेना है।

पूर्व में व्यावसायिक मद से कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा था। अब शासन स्तर से पहले पदों का सृजन किया जाना है। पद कितने स्वीकृत होंगे यह पता नहीं है। उपनल कर्मियों के वेतन का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। - एसपी सिंह, वित्त नियंत्रक, मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी


कर्मचारियों की मांगों का मामला संज्ञान में है। पूर्व में गलत तरीके से कर्मचारियों को रखा गया है, यह समस्या सालों से बनी हुई है। बीते दिन बैठक में यह मुद्दा उठा है। शासन स्तर पर इसे सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, देहरादून
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