{"_id":"632e1b894458ab5c23438147","slug":"the-funeral-of-kovid-patient-was-not-allowed-at-the-ghat-haldwani-news-hld476734627","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाट पर नहीं करने दी कोविड मरीज की अंत्येष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाट पर नहीं करने दी कोविड मरीज की अंत्येष्टि
विज्ञापन
हल्द्वानी। झारखंड के एक आदिवासी श्रमिक की इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल के दस्तावेजों में कोविड का मरीज होने की बात का पता चलते ही घाट पर उसका अंतिम संस्कार ही नहीं करने दिया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने गौलापार स्थित कोविड शवदाह गृह पर अंतिम संस्कार कराया। वहीं परिजनों के भाग जाने के बाद समाजसेवियों ने निधन के बाद अंतिम संस्कार तक की जिम्मेदारी उठाई।
झारखंड के आदिवासी क्षेत्र निवासी सनीका राम (70) का एसटीएच में इलाज चल रहा था। शुक्रवार को सनीका की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसकी सूचना जब परिजनों तक पहुंचाई गई तो वे अस्पताल तो पहुंचे लेकिन रिपोर्ट देखने के बाद दबे पांव ही लौट गए। रिपोर्ट में कोविड होने का भी जिक्र था।
सूचना जब सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत गोनिया को मिली तो वह अपने साथी अतुल बिष्ट, प्रदीप तिवारी, नंदन सिंह सीजवाली के साथ अस्पताल पहुंचे और दिशा सामाजिक संस्था और मुक्तिधाम समिति हल्द्वानी की एंबुलेंस से शव को घाट लेकर पहुंचे तो वहां हंगामा हो गया। घाट के लोगों ने कोविड संक्रमण की बात सुनते ही अंत्येष्टि कराने से मना कर दिया। काफी बहसबाजी के बाद पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह को जानकारी दी गई तो उन्होंने गौलापार स्थित कोविड शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कराया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
झारखंड के आदिवासी क्षेत्र निवासी सनीका राम (70) का एसटीएच में इलाज चल रहा था। शुक्रवार को सनीका की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसकी सूचना जब परिजनों तक पहुंचाई गई तो वे अस्पताल तो पहुंचे लेकिन रिपोर्ट देखने के बाद दबे पांव ही लौट गए। रिपोर्ट में कोविड होने का भी जिक्र था।
विज्ञापन
सूचना जब सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत गोनिया को मिली तो वह अपने साथी अतुल बिष्ट, प्रदीप तिवारी, नंदन सिंह सीजवाली के साथ अस्पताल पहुंचे और दिशा सामाजिक संस्था और मुक्तिधाम समिति हल्द्वानी की एंबुलेंस से शव को घाट लेकर पहुंचे तो वहां हंगामा हो गया। घाट के लोगों ने कोविड संक्रमण की बात सुनते ही अंत्येष्टि कराने से मना कर दिया। काफी बहसबाजी के बाद पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह को जानकारी दी गई तो उन्होंने गौलापार स्थित कोविड शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कराया। संवाद
विज्ञापन