{"_id":"5807ce954f1c1b722b702a24","slug":"the-day-of-the-small-hydropower-project-aanvlakot-bhurenge","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंवलाकोट स्थित लघु जल विद्युत परियोजना के दिन बहुरेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंवलाकोट स्थित लघु जल विद्युत परियोजना के दिन बहुरेंगे
चंद्रेश पांडे
Updated Thu, 20 Oct 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
bhakra dam
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते कई साल से धूल फांक रही कोटाबाग ब्लाक के ग्राम आंवलाकोट स्थित लघु जल विद्युत परियोजना के दिन फिर से बहुरने की उम्मीद है। परियोजना के उरेडा को हस्तांतरित होने के बाद निकट भविष्य में इस जल विद्युत परियोजना के फिर से संचालित होने के आसार बने हैं।
विज्ञापन
यदि ऐसा हुआ तो इस परियोजना से 200 किलोवाट विद्युत उत्पादन होगा, जिसे नार्थ ग्रिड को भेजा जाएगा। परियोजना को पुन: संचालित करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चंद्र ने परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2001 में तत्कालीन यूपी सरकार ने आंवलाकोट ग्रामसभा के तोक गहतियाखाम में 200 किलोवाट विद्युत उत्पादन क्षमता वाली लघु जल विद्युत परियोजना की स्थापना की थी। परियोजना को दाबका नदी से संचालित किया जाता था।
विज्ञापन
बताया जाता है कि परियोजना वर्ष 2013 तक ठीकठाक तरीके से संचालित हुई और तब तक इसकी एक टरबाइन काम करती रही। लेकिन इसके बाद से इसमें विद्युत उत्पादन बंद हो गया और तभी से इस परियोजना लगी मशीनें जंक खा रही हैं।
हाल में परियोजना को उरेडा को हस्तांतरित कर दिया गया। उरेडा द्वारा इसे पीपीपी मोड में संचालित कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। इसके संचालन की कवायद शुरू करने से पहले सीडीओ प्रकाश चंद्र ने आंवलाकोट पहुंचकर परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को परियोजना के संचालन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए।
आंवलाकोट स्थित लघु जल विद्युत परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर लिया गया है। परियोजना दोबारा शुरू किया जा सकता है, इसके लिए मशीनों की मरम्मत संबंधी कार्य होने हैं। उसके बाद इस परियोजना से 200 किलोवाट विद्युत उत्पादन हो सकेगा।
- प्रकाश चंद्र सीडीओ नैनीताल