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सीपीयू बनभूलपुरा को ट्रैफिक सेंस नहीं सिखा सकी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Tue, 14 Jun 2016 12:21 AM IST
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हल्द्वानी। सीपीयू ने शहर के विभिन्न मार्गों पर दो पहिया और चार पहिया वाहन चालकों को ट्रैफिक सेंस सिखाया। युवाओं और बुजुर्गों में एक साल के दौरान सीपीयू लोकप्रिय हो गई लेकिन बनभूलपुरा को यह ट्रैफिक सेंस देने में नाकाम रही। अभी भी बनभूलपुरा में काफी लोग बगैर हेलमेट के चलते हैं।
डीजीपी रहे बीएस सिद्धू ने कुछ अलग करने के अंदाज में पिछले साल 13 जून 2015 को सीपीयू को लांच किया। इस फोर्स का मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को ठीक करना और दुर्घटना से लोगों को बचाना था। इस फोर्स ने अपने अंदाज से अंधाधुंध चालान कर लोगों को हेलमेट पहनने के लिए मजबूर कर दिया। इस बीच दुर्घटना के शिकार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की लेकिन सितंबर 15 में इस फोर्स के दो जवान बरेली के सराफा व्यवसायी को लूटने के मामले में फंस गए।
आरोप था कि एक सिपाही और एक अन्य व्यवसायी के साथ मिलकर फोर्स ने हेड़ाखान रोड पर व्यवसायी से आठ लाख रुपये लूट लिए। जानकारी मिलने पर तत्काल एसएसपी ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट के रुपये बरामद कराया। इस घटना के बाद काफी दिनों तक सीपीयू के अन्य जवान सहमे रहे। डीआईजी और अन्य अधिकारियों द्वारा मनोबल बढ़ाने पर सीपीयू फिर उसी गति से काम करने लगी। जवानों ने दुर्घटना और अन्य घटना होने के बाद फिर पुलिस का सहयोग करने लगी।
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एक साल में इस फोर्स ेने एक करोड़ से अधिक का जुर्माना वसूल कर राजस्व में बढ़ोत्तरी की। इसके अलावा जिले में प्रतिदिन एक से अधिक के मौत की दर पर लगाम लगाया। त्यौहारों और वीवीआईपी ड्यूटी में भी अहम भूमिका निभाई। शहर के लोगों का आरोप है कि सीपीयू ने चारों मार्गों पर बेहतरीन कार्य किया लेकिन बनभूलपुरा में नियमों को तोड़कर चलने वालों पर कार्रवाई करने में असफल रही।
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डीजीपी रहे बीएस सिद्धू ने कुछ अलग करने के अंदाज में पिछले साल 13 जून 2015 को सीपीयू को लांच किया। इस फोर्स का मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को ठीक करना और दुर्घटना से लोगों को बचाना था। इस फोर्स ने अपने अंदाज से अंधाधुंध चालान कर लोगों को हेलमेट पहनने के लिए मजबूर कर दिया। इस बीच दुर्घटना के शिकार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की लेकिन सितंबर 15 में इस फोर्स के दो जवान बरेली के सराफा व्यवसायी को लूटने के मामले में फंस गए।
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आरोप था कि एक सिपाही और एक अन्य व्यवसायी के साथ मिलकर फोर्स ने हेड़ाखान रोड पर व्यवसायी से आठ लाख रुपये लूट लिए। जानकारी मिलने पर तत्काल एसएसपी ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट के रुपये बरामद कराया। इस घटना के बाद काफी दिनों तक सीपीयू के अन्य जवान सहमे रहे। डीआईजी और अन्य अधिकारियों द्वारा मनोबल बढ़ाने पर सीपीयू फिर उसी गति से काम करने लगी। जवानों ने दुर्घटना और अन्य घटना होने के बाद फिर पुलिस का सहयोग करने लगी।
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एक साल में इस फोर्स ेने एक करोड़ से अधिक का जुर्माना वसूल कर राजस्व में बढ़ोत्तरी की। इसके अलावा जिले में प्रतिदिन एक से अधिक के मौत की दर पर लगाम लगाया। त्यौहारों और वीवीआईपी ड्यूटी में भी अहम भूमिका निभाई। शहर के लोगों का आरोप है कि सीपीयू ने चारों मार्गों पर बेहतरीन कार्य किया लेकिन बनभूलपुरा में नियमों को तोड़कर चलने वालों पर कार्रवाई करने में असफल रही।