हल्द्वानी। पंचायत चुनाव में भाजपा को कांग्रेस से कम, अपनों से ज्यादा चुनौती मिल रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। ब्लाक प्रमुख चुनावों में भी कांग्रेस पूरे दम से नहीं उतरी लेकिन भाजपा के लिए कई जगह अपनों ने ही चुनौती खड़ी कर दी है। सोमवार को नाम वापसी का दिन है और भाजपा की कोशिश है कि वह बागियों को मनाकर पार्टी अधिकृत प्रत्याशियों की राह आसान कर दे। अब देखना है कि उसके प्रयास किस हद तक सफल होते हैं।
भाजपा ने इस बार पंचायत चुनावों में अपेक्षा से भी अच्छा प्रदर्शन किया है। भाजपा जिला अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और भीमताल ब्लाक प्रमुख पद पर उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय है। भाजपा की कोशिश है कि वह शेष ब्लाकों में भी जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप कर ले। पार्टी की इस रणनीति की राह में उसके अपने ही रोड़ा बन गए हैं। रामनगर में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के मुकाबले विधायक दीवान सिंह बिष्ट की बहू निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। इसी तरह कोटाबाग से भाजपा से जुड़े क्षेत्र पंचायत सदस्य ने प्रमुख पद के लिए नामांकन कराया है। बेतालघाट सीट पर भी भाजपा से जुड़े परिवार के क्षेत्र पंचायत सदस्य ने मैदान में ताल ठोक दी है। ओखलकांडा सीट पर भाजपा ने प्रत्याशी नहीं उतारा है। इसके पीछे कई तरह की चर्चाएं हैं और रणनीति को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। सोमवार को नामांकन वापस करने का अंतिम दिन है, ऐसे में भाजपा पदाधिकारी अपनों को मनाने की अंतिम कोशिश में जुटे हुए हैं। भाजपा को भरोसा है कि यदि वह बागी उम्मीदवारों को नाम वापस लेने में कामयाब रहे तो उनकी जीत की राह आसान हो जाएगी। भाजपा प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी के अनुसार नामांकन वापसी तक पार्टी इंतजार कर रही है, उसके बाद पार्टी लाइन से बाहर जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।