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Uttarakhand: पकड़ी गई बाघिन ही थी नरभक्षी, नहीं होगी आजाद...दो महिलाओं और एक युवती की ले ली थी जान
Wed, 03 Jan 2024 10:55 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jan 2024 10:55 AM IST
सार
उत्तराखंड के भीमताल ब्लॉक के जंगलियागांव में 25 दिसंबर की रात पकड़ी गई बाघिन ने ही मलुवाताल, पिनरों और अलचौना में दो महिलाओं और एक युवती की जान ली थी। डब्लूआईआई देहरादून से आई रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई है।
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बाघिन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भीमताल ब्लॉक के जंगलियागांव में 25 दिसंबर की रात पकड़ी गई बाघिन ने ही मलुवाताल, पिनरों और अलचौना में दो महिलाओं और एक युवती की जान ली थी। डब्लूआईआई देहरादून से आई रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई है। ढेला रेस्क्यू सेंटर भेजी गई बाघिन फिलहाल बाड़े में कैद रहेगी।
भीमताल ब्लॉक में 7 दिसंबर को इंद्रा देवी, 9 दिसंबर को पुष्पा देवी और 19 दिसंबर को निकिता शर्मा की बाघिन के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने 25 दिसंबर को जंगलियागांव के तोक नौली में घूम रही बाघिन को ट्रैंक्यूलाइज कर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया था।
ये पढ़ें- Uttarakhand: डायरी से खुला मौत का राज, रोहित ने फांसी लगाकर की थी खुदकुशी, सच्चाई जानकर सभी हैरान
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अब देहरादून से आई डीएनए रिपोर्ट में बाघिन का डीएनए और तीनों घटनाओं के बाद मौके से मिले वन्यजीव के बालों समेत अन्य सैंपल के डीएनए से मिलान कर गया। वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊं टीआर बीजूलाल का कहना है कि मंगलवार की शाम डीएनए रिपोर्ट आ गई है। सैंपल मिलान होने के बाद साफ है कि तीनों लोगों को पकड़ी गई बाघिन ने मारा है।
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भीमताल ब्लॉक में 7 दिसंबर को इंद्रा देवी, 9 दिसंबर को पुष्पा देवी और 19 दिसंबर को निकिता शर्मा की बाघिन के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने 25 दिसंबर को जंगलियागांव के तोक नौली में घूम रही बाघिन को ट्रैंक्यूलाइज कर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया था।
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अब देहरादून से आई डीएनए रिपोर्ट में बाघिन का डीएनए और तीनों घटनाओं के बाद मौके से मिले वन्यजीव के बालों समेत अन्य सैंपल के डीएनए से मिलान कर गया। वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊं टीआर बीजूलाल का कहना है कि मंगलवार की शाम डीएनए रिपोर्ट आ गई है। सैंपल मिलान होने के बाद साफ है कि तीनों लोगों को पकड़ी गई बाघिन ने मारा है।