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बेस में 24 घंटे होगी खून की जांच, मिलेगी फार्मेसी की सुविधा
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प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। संक्रमण काल में अधिग्रहीत सभी छह निजी अस्पताल प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेंगे। इसकी लिखित सहमति निजी अस्पतालों ने जिला प्रशासन को दे दी है। इसके अलावा बेस अस्पताल में अब 24 घंटे पैथोलॉजी लैब चलेगी और अस्पताल में 24 घंटे मरीजों का परीक्षण होगा। साथ ही फार्मेंसी की सुविधा भी मिलेगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि अधिग्रहीत निजी चिकित्सालयों के डॉक्टर एवं स्टॉफ सुचारु रूप से सामान्य दिवसों में चिकित्सालय संचालन की भांति तैनात रहेगा। कहा कि चिकित्सालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि अस्पताल इलाज के लिए राजकीय चिकित्सालय से रेफर होकर आने वाले मरीजों के इलाज और भर्ती की प्रक्रिया में कोई व्यवधान न हो।
जनपद से बाहर हायर सेंटर को रेफर करने से पहले निजी अस्पताल को समिति को रेफर करने का ठोस कारण देना होगा। बिना समिति की संस्तुति के कोई भी मरीज जनपद या प्रदेश से बाहर रेफर नहीं किया जाएगा, बल्कि बेस अस्पताल एवं निजी चिकित्सालय ही पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देंगे।
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समन्वय बनाने की जिम्मेदारी डॉ. विनीता साह को
डीएम ने सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के मध्य समन्वय के लिए वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. विनीता साह को नामित किया है, जो कि नोडल अधिकारियों और निजी अस्पतालों के साथ समन्वय का कार्य करेंगी। हाईपावर कमेटी के लिए प्रशासनिक एवं चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों को नामित किया है।
इस कमेटी में सीएमओ, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, चिकित्साधीक्षक राजकीय मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्साधीक्षक बेस अस्पताल और कोऑर्डिनेटर विनीता साह को नामित किया है। बसंल ने बताया कि एसटीएच प्रशासन और डॉ. विनीता साह समन्वय बनाते हुए जनरल सर्जरी, आर्थोपेडिक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, डेंटल, बाल रोग विशेषज्ञ, मानसिक रोग, चर्म रोग के सुशीला तिवारी के चिकित्सक और अन्य सहयोगी कर्मी बेस में सेवाएं देते हुए मरीजों का इलाज करेंगे।
खास बातें-
1.अधिग्रहित सभी निजी अस्पतालों में बीपीएल के अलावा एपीएल मरीजों को भी शासकीय खर्चे में इलाज की सुविधा मिलेगी।
2. निजी अस्पतालों की समस्याओं के निस्तारण के लिए हाईपावर कमेटी कार्य करेंगी।
3. मरीजों के इलाज में हीलाहवाली करने वाले डॉक्टरों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, क्लिीनिक इस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।
अधिग्रहित निजी अस्पतालों में ये होंगे नोडल अधिकारी
- बृजलाल हॉस्पिटल के लिए नोडल अधिकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट और डॉ. अजय कांत अग्रवाल।
- कृष्णा हॉस्पिटल के लिए नोडल अधिकारी सहायक परियोजना निदेशक संगीता आर्या और डॉ. मीरा जोशी।
- नीलकंठ हॉस्पिटल के लिए जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी तथा डॉ. पूनम जंगपांगी।
- विवेकानंद हॉस्पिटल के लिए जिला सेवायोजन अधिकारी नारायण सिह दरम्वाल और डॉ. बबीता धपोला।
- र्साइं हॉस्पिटल के लिए नोडल अधिशासी अभियन्ता आरइएस विनीत कुमार तथा डॉ. मुकेश आर्य।
- सेंट्रल हॉस्पिटल के लिए नोडल अधिकारी मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. धनपत कुमार तथा डॉ. मनोज सत्याल।
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जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि अधिग्रहीत निजी चिकित्सालयों के डॉक्टर एवं स्टॉफ सुचारु रूप से सामान्य दिवसों में चिकित्सालय संचालन की भांति तैनात रहेगा। कहा कि चिकित्सालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि अस्पताल इलाज के लिए राजकीय चिकित्सालय से रेफर होकर आने वाले मरीजों के इलाज और भर्ती की प्रक्रिया में कोई व्यवधान न हो।
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जनपद से बाहर हायर सेंटर को रेफर करने से पहले निजी अस्पताल को समिति को रेफर करने का ठोस कारण देना होगा। बिना समिति की संस्तुति के कोई भी मरीज जनपद या प्रदेश से बाहर रेफर नहीं किया जाएगा, बल्कि बेस अस्पताल एवं निजी चिकित्सालय ही पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देंगे।
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समन्वय बनाने की जिम्मेदारी डॉ. विनीता साह को
डीएम ने सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के मध्य समन्वय के लिए वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. विनीता साह को नामित किया है, जो कि नोडल अधिकारियों और निजी अस्पतालों के साथ समन्वय का कार्य करेंगी। हाईपावर कमेटी के लिए प्रशासनिक एवं चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों को नामित किया है।
इस कमेटी में सीएमओ, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, चिकित्साधीक्षक राजकीय मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्साधीक्षक बेस अस्पताल और कोऑर्डिनेटर विनीता साह को नामित किया है। बसंल ने बताया कि एसटीएच प्रशासन और डॉ. विनीता साह समन्वय बनाते हुए जनरल सर्जरी, आर्थोपेडिक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, डेंटल, बाल रोग विशेषज्ञ, मानसिक रोग, चर्म रोग के सुशीला तिवारी के चिकित्सक और अन्य सहयोगी कर्मी बेस में सेवाएं देते हुए मरीजों का इलाज करेंगे।
खास बातें-
1.अधिग्रहित सभी निजी अस्पतालों में बीपीएल के अलावा एपीएल मरीजों को भी शासकीय खर्चे में इलाज की सुविधा मिलेगी।
2. निजी अस्पतालों की समस्याओं के निस्तारण के लिए हाईपावर कमेटी कार्य करेंगी।
3. मरीजों के इलाज में हीलाहवाली करने वाले डॉक्टरों पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, क्लिीनिक इस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।
अधिग्रहित निजी अस्पतालों में ये होंगे नोडल अधिकारी
- बृजलाल हॉस्पिटल के लिए नोडल अधिकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट और डॉ. अजय कांत अग्रवाल।
- कृष्णा हॉस्पिटल के लिए नोडल अधिकारी सहायक परियोजना निदेशक संगीता आर्या और डॉ. मीरा जोशी।
- नीलकंठ हॉस्पिटल के लिए जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी तथा डॉ. पूनम जंगपांगी।
- विवेकानंद हॉस्पिटल के लिए जिला सेवायोजन अधिकारी नारायण सिह दरम्वाल और डॉ. बबीता धपोला।
- र्साइं हॉस्पिटल के लिए नोडल अधिशासी अभियन्ता आरइएस विनीत कुमार तथा डॉ. मुकेश आर्य।
- सेंट्रल हॉस्पिटल के लिए नोडल अधिकारी मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. धनपत कुमार तथा डॉ. मनोज सत्याल।