Haldwani: अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को बचाने के लिए तिरपाल का सहारा, भू-कटाव को रोकने के लिए किया गया है जुगाड़
उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाया गया था। गौला नदी से स्टेडियम में लगातार भू-कटाव हो रहा है। स्टेडियम को बचाने के लिए किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्य भी धीमी गति से किए जा रहे हैं।
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जिस उद्देश्य के साथ हल्द्वानी के गौलापार में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाया गया था। वह उद्देश्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। गौला नदी से स्टेडियम में लगातार भू-कटाव हो रहा है। स्टेडियम को बचाने के लिए किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्य भी धीमी गति से किए जा रहे हैं। बारिश से कटाव ना हो तिरपाल लगाई गई हैं। ऐसा ना हो कि हीला हवाली कहीं स्टेडियम को बड़ा नुकसान ना पहुंचा दे। स्टेडियम के बाहर जिला खेल विभाग का बोर्ड पिछले कई महिनों से गिरा हुआ है। लोगों का कहना है कि विभाग बोर्ड को तो खड़ा नहीं कर पा रहा है स्टेडियम को कैसे बचाएगा।
उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाया गया था। बनने के बाद से वर्ष 2022 में इसे खेल विभाग को हस्तांतरित किया गया था। हस्तांतरण के बाद लोगों का लगा था कि स्पोर्ट्स स्टेडियम के दिन बहुरेंगे। यहां पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं होंगी। इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर उत्तराखंड की प्रतिभाएं आगे बढ़ पाएंगी और देश-दुनिया में राज्य का नाम रोशन करेंगी। क्रिकेट स्टेडियम के अंदर अभी तक टर्फ विकेट का निर्माण नहीं किया गया है। यहां क्रिकेट का कोई भी बड़ा मुकाबला अभी तक नहीं हो पाया है। उपेक्षा के कारण स्टेडियम धीरे-धीरे जर्जर हो रहा है। स्टेडिय में हो रहे भू-कटाव को रोकने के लिए यहां पर सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन ये कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। कहीं ऐसा ना हो कि स्टेडियम को कोई बड़ा नुकसान ना हो जाए। क्याेंकि पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण गोला नदी उफान पर चल रही है।
खेल संगठन भी नहीं उठाते आवाज
हल्द्वानी के अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम की बदहाली से सभी खेल प्रेमी अवगत हैं। मजाल है कोई खेल प्रेमी इसकी बदहाली की आवाज उठा दे। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम जर्जर होता जा रहा है। कई खेल प्रेमी बदहाली से नाराज हैं पर वह खुलकर सामने नहीं आना चाहते हैं।
भू-कटाव से स्टेडियम को 200 मीटर नुकसान हुआ है। यहां पर सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं। स्टेडियम को काफी नुकसान हुआ है इसलिए जिला प्रशासन से निर्माण कार्य करने के लिए जगह मांगी गई है।