{"_id":"64a840af4b455757ee40a52b8b5e0500","slug":"swine-flu-hindi-news-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू बता तीन दिन में पांच मरीज भेज दिए बेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू बता तीन दिन में पांच मरीज भेज दिए बेस
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Wed, 25 Feb 2015 01:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मरीजों पर वायरल बुखार भारी पड़ रहा है। एसटीएच के डाक्टर मरीजों को खांसी, जुकाम होने पर स्वाइन फ्लू बताकर बेस भेज रहे हैं। तीन दिन में भेजे गए पांच मरीजों में किसी में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
मौसम बदलने के कारण वायरल भी तेजी से फैला हुआ है। सरकारी डाक्टरों से लेकर निजी अस्पतालों में भी वायरल के मरीज पहुंच रहे हैं। बेस अस्पताल के डा. पीएस टाकुली ने बताया कि सुशीला तिवारी अस्पताल से तीन दिनों में पांच मरीज भेजे गए। हल्दूचौड़ निवासी (18 वर्षीय) एक युवक को सोमवार शाम एसटीएच से बेस अस्पताल रेफर कर दिया। युवक को दो दिन से बुखार था। डा. टाकुली ने बताया कि स्वाइन फ्लू के कोई भी लक्षण युवक में नहीं थे और उसे वापस एसटीएच रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मंगलवार को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की दो रेजीडेंट डाक्टरों को स्वाइन फ्लू की आशंका जताकर एसटीएच से बेस भेज दिया गया, जबकि उन्हें जुकाम हुआ था। बुखार नहीं था। डा. टाकुली ने जांच करने के बाद उन्हें वापस भेज दिया। उन्होंने बताया कि इससे पहले शनिवार को भी दो मामले भेजे गए, जिनको बुखार के साथ जुकाम था। दोनों मरीजों को दो दिन पहले ही बुखार आया था और दोनों जिले के बाहर कहीं नहीं गए थे। दोनों में स्वाइन फ्लू जैसे कोई लक्षण नहीं थे। डा. टाकुली ने कहा कि स्वाइन फ्लू के नाम पर हौवा खड़ा करना ठीक नहीं है। मरीज स्वाइन फ्लू का नाम सुनते ही तनाव में आ जाता है।
विज्ञापन
इस संबंध में मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आरसी पुरोहित ने बताया कि आशंका होने पर डाक्टरों ने मरीजों को रेफर किया होगा। बेस अस्पताल में सेंटर बनाया गया है और डा. टाकुली नोडल अधिकारी हैं। ऐसे में बेस जाने वाले मरीजों को देखना उनकी जिम्मेदारी है।