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Nainital News: कूड़ा प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होगी स्वयंभू तकनीक
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में पर्यावरणीय संकट का समाधान करने के साथ आर्थिक समृद्धि का द्वार खोलने की दिशा में कार्य किया है। विश्वविद्यालय के नैनो साइंस एवं नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर की ओर से विकसित स्वयंभू मशीन अब नैनीताल के प्लास्टिक कचरे को बहुमूल्य संसाधनों में तब्दील करने के लिए तैयार है।
प्रो. नंद गोपाल साहू के नेतृत्व में तैयार यह स्वदेशी तकनीक प्लास्टिक को न केवल नष्ट करती है बल्कि उसे ग्राफीन और क्रूड ऑयल जैसे उच्च-मूल्य वाले उत्पादों में बदल देती है। मंगलवार को नैनीताल नगर पालिका परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक अमित कुमार ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण कर इस तकनीक को समझा। प्रोफेसर साहू ने बताया कि इस मशीन की मदद से खराब प्लास्टिक से औद्योगिक कार्यों के लिए कच्चा माल बनाकर नैनीताल को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। नगर पालिका और विश्वविद्यालय का यह समन्वय न केवल झीलों के शहर को प्रदूषण मुक्त रखेगा बल्कि शिक्षा और स्थानीय प्रशासन के बीच सफल साझेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगा।
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प्रो. नंद गोपाल साहू के नेतृत्व में तैयार यह स्वदेशी तकनीक प्लास्टिक को न केवल नष्ट करती है बल्कि उसे ग्राफीन और क्रूड ऑयल जैसे उच्च-मूल्य वाले उत्पादों में बदल देती है। मंगलवार को नैनीताल नगर पालिका परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक अमित कुमार ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण कर इस तकनीक को समझा। प्रोफेसर साहू ने बताया कि इस मशीन की मदद से खराब प्लास्टिक से औद्योगिक कार्यों के लिए कच्चा माल बनाकर नैनीताल को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। नगर पालिका और विश्वविद्यालय का यह समन्वय न केवल झीलों के शहर को प्रदूषण मुक्त रखेगा बल्कि शिक्षा और स्थानीय प्रशासन के बीच सफल साझेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगा।
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