प्रधानाचार्य ने बुलाया तो नकली चाचा ले आया निष्कासित छात्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पं. पूर्णानंद तिवारी राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धौलाखेड़ा में छोटे बच्चे भी बड़े उस्ताद बन गए हैं। विद्यालय में अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित दो छात्रों को अपने मां बाप को बुलाकर लाने को कहा गया तो एक छात्र किसी व्यक्ति को फर्जी चाचा बनाकर ले आया। बाद में सच्चाई सामने आने पर फर्जी चाचा ने प्रधानाचार्य से माफी मांग कर अपनी गलती स्वीकार की। इन दो विद्यार्थियों को स्कूल प्रशासन द्वारा शनिवार को दस दिन के लिए निष्कासित किया गया था। इधर, छात्रों द्वारा शिक्षकों पर लगाए आरोपों के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय में जाकर जांच पड़ताल की।
पं. पूर्णानंद तिवारी राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धौलाखेड़ा के कुछ छात्रों ने शनिवार को अमर उजाला दफ्तर आकर शिकायत की थी। मुख्य शिक्षा अधिकारी आरएल आर्या ने खंड शिक्षा अधिकारी को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को नवनियुक्त खंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने विद्यालय में प्रधानाचार्य मो. साजिद एवं अन्य शिक्षकों के अलावा विद्यार्थियों से भी पूछताछ की। प्रधानाचार्य ने बताया कि शनिवार को जब वह अचानक कक्षा नौ में पहुंचे तो क्लास में 42 विद्यार्थियों में से सिर्फ छह बच्चे बैठे थे।
मालूम करने पर पता चला कि छात्र पीरियड छोड़ कर बालीवाल खेलने चले गए, वापस आने पर इन छात्रों से पूछताछ की गई तो छात्र सुनील और राजपाल ने ऊंट पटांग जवाब देकर शिक्षकों से अभद्रता की थी। जिस पर दोनों छात्रों को अनुशासनहीनता के आरोप में 10 दिनों के लिए निष्कासित कर दिया था। उन्होंने बताया कि दोनों छात्रों को सोमवार को अपने मां बाप को बुलाकर लाने को कहा था जिस पर सुनील अपने पिता के स्थान पर किसी और व्यक्ति को फर्जी अभिभावक बनाकर ले आया।
बाद में सच्चाई का पता लगने पर नकली चाचा ने प्रधानाचार्य से माफी मांगी तथा सुनील की शिकायत उसके पिता से जाकर करने की बात कही। प्रधानाचार्य ने कहा कि किसी भी छात्र को स्कूल का अनुशासन खराब नहीं करने दिया जाएगा।