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Nainital News: कालाढूंगी-नैनीताल हाईवे पर ज्यादा ढलान बन रहा हादसों की वजह
Fri, 15 May 2026 01:21 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 15 May 2026 01:21 AM IST
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नैनीताल। कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के पीछे सड़क का अधिक ढलान (ग्रेडिएंट) बड़ा कारण है। मानकों से अधिक ढलान में वाहनों की तेज गति के चलते नियंत्रण खोने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जीएस जनौटी के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क के ढलान (ग्रेडिएंट) का मानक सामान्यतः 1:24 यानी 24 मीटर में एक मीटर का ढलान होना चाहिए। कालाढूंगी मार्ग बहुत पुराना होने के चलते यह 1:20, 1:18 और कुछ स्थानों पर 1:16 तक ढलान है। अधिक ढलान के कारण विशेष रूप से नैनीताल से कालाढूंगी की ओर उतरते समय वाहन तेज गति पकड़ लेते हैं जिससे चालक नियंत्रण खो देते हैं। ढलान अधिक होने के कारण वाहन चालकों को लगातार ब्रेक का इस्तेमाल करना पड़ता है जिससे कई बार ब्रेक फेल होने की स्थिति भी बन जाती है।
90 फीसदी हादसे वाहनों के नीचे उतरने पर
विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 90 प्रतिशत हादसे उन्हीं वाहनों के साथ हो रहे हैं जो नैनीताल से नीचे की ओर आ रहे होते हैं। हाईवे पर लाल मिट्टी, प्रिया बैंड और घटगड़ इलाका दुर्घटना संभावित है जहां अधिक ढलान और तीखे मोड़ों के कारण हादसों की आशंका बनी रहती है। हादसों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने खतरनाक मोड़ों और ढलान वाले स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड और कैट आइज मिरर लगाए हैं। तीव्र ढलान में तेज गति के चलते अब भी हादसों का खतरा बना हुआ है।
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लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जीएस जनौटी के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क के ढलान (ग्रेडिएंट) का मानक सामान्यतः 1:24 यानी 24 मीटर में एक मीटर का ढलान होना चाहिए। कालाढूंगी मार्ग बहुत पुराना होने के चलते यह 1:20, 1:18 और कुछ स्थानों पर 1:16 तक ढलान है। अधिक ढलान के कारण विशेष रूप से नैनीताल से कालाढूंगी की ओर उतरते समय वाहन तेज गति पकड़ लेते हैं जिससे चालक नियंत्रण खो देते हैं। ढलान अधिक होने के कारण वाहन चालकों को लगातार ब्रेक का इस्तेमाल करना पड़ता है जिससे कई बार ब्रेक फेल होने की स्थिति भी बन जाती है।
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90 फीसदी हादसे वाहनों के नीचे उतरने पर
विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 90 प्रतिशत हादसे उन्हीं वाहनों के साथ हो रहे हैं जो नैनीताल से नीचे की ओर आ रहे होते हैं। हाईवे पर लाल मिट्टी, प्रिया बैंड और घटगड़ इलाका दुर्घटना संभावित है जहां अधिक ढलान और तीखे मोड़ों के कारण हादसों की आशंका बनी रहती है। हादसों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने खतरनाक मोड़ों और ढलान वाले स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड और कैट आइज मिरर लगाए हैं। तीव्र ढलान में तेज गति के चलते अब भी हादसों का खतरा बना हुआ है।
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