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टेलीस्कोप को एक्टीवेट करने की तैयारियां शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल
Updated Mon, 28 Mar 2016 11:53 PM IST
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टेलीस्कोप
- फोटो : अमर उजाला
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ओखलकांडा ब्लाक के देवस्थल में स्थापित एशिया की सबसे बड़ी टेलीस्कोप को एक्टीवेट करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए मनोरा पीक में स्थित एरीज के वैज्ञानिक और इंजीनियरों की टीम ने सोमवार को देवस्थल पहुंचकर टेलीस्कोप को चालू कराने संबंधी तैयारियों का जायजा लिया। दूरदर्शन और एनआईसी की टीम भी देवस्थल पहुंच गई है। मंगलवार को एरीज से कुछ और वैज्ञानिक व इंजीनियर देवस्थल पहुंचेंगे।
30 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेल्जियम से बटन दबाकर देवस्थल में लगे टेलीस्कोप को एक्टिवेट करेंगे। इसे देखते हुए सोमवार को एरीज से वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. बृजेश कुमार और कंप्यूटर इंजीनियर संजीव साहू देवस्थल पहुंचे।
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डा. बृजेश ने बताया कि जिस वक्त प्रधानमंत्री दूरबीन को एक्टीवेट करेंगे, उस समय उक्त कार्यक्रम की देवस्थल में दूरदर्शन के सहयोग से पांच मिनट की लाइव वीडियो तैयार की जाएगी, जिसे पूरे देश में ब्रॉडकास्ट किया जाएगा। सोमवार को देवस्थल में इंटरनेट कनेक्टिविटी और टेलीस्कोप कंट्रोल की जांच की गई। सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से देवस्थल को मनोरा पीक से जोड़ा जा चुका है। मनोरा पीक से कंप्यूटर इंजीनियर मोहित कुमार जोशी इस कार्य में जुटे हुए हैं।
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मालूम हो कि 2450 मीटर की ऊंचाई में स्थित देवस्थल में वर्ष 2007 में इस दूरबीन की स्थापना का काम शुरू हुआ था। 3.6 मीटर व्यास का यह टेलीस्कोप 360 डिग्री के कोण पर घूमकर किसी भी बिंदु पर स्थिर होकर आकाश का विस्तृत अध्ययन करने के लिए तैयार है।
इस टेलीस्कोप की स्थापना में जर्मनी, रूस और बेल्जियम का खासा योगदान रहा है। इसके लैंस को तैयार करने में बेल्जियम के वैज्ञानिकों की अहम भूमिका रही। टेलीस्कोप में सात फीसदी अंशदान भी बेल्जियम का है। एरीज के वैज्ञानिक डा. बृजेश कुमार ने बताया कि यह दूरबीन धुंधले नजर आने वाले तारों, नई आकाश गंगाओं और दूरस्थ तारों के समूह के अध्ययन में विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित होगा।