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कहीं गौलापार में बनने वाले 2224 आवासों पर लग न जाए रोक
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प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। नगर निगम क्षेत्र के आवास विहीन लोगों के लिए गौलापार क्षेत्र में बनने वाले 2224 आवासों की योजना पर ब्रेक लग सकता है। सत्ता पक्ष के कई जनप्रतिनिधियों ने इस प्रोजेक्ट को गौलापार में न बनाने की मांग की है। आवास विकास परिषद को इस मामले में कई आपत्तियां मिली हैं। अब सरकार को इस मामले में फैसला लेना है।
नगर निगम के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन हो रहा है। क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) के तहत नगर निगम क्षेत्र के नौ हजार बेघर लोगों ने आवास के लिए आवदेन किया है। इसके तहत उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद ने हल्द्वानी में दो आवासीय योजनाओं का खाका तैयार किया है। ये आवास गौलापार में बनने हैं।
गौलापार में आवास बनाने की योजना से गौलापार-चोरगलिया की जनता इसके विरोध में उतर गई है। इसके लिए कई बार धरना प्रदर्शन किया जा चुका है। उधर, सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों ने भी इस योजना को गौलापार से अन्य स्थान में शिफ्ट करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। आवास विकास परिषद के कमिश्नर विनोद कुमार सुमन ने बताया कि कई आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। अब इस मामले में सरकार को फैसला करना है।
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कई दिनों से विरोध में जुटे हैं ग्रामीण
ग्राम सभा पदमपुर रैकुनी में जब से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास योजना विकसित किए जाने की बात कही जा रही है। ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है की यह योजना गांव के बीचोबीच में बनाई जा रही है जिससे गांव का नक्शा ही बदल जाएगा। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि इससे क्षेत्र में बेवजह भीड़ बढ़ेगी और गांव का माहौल खराब होगा। ग्रामीणों ने हाल ही में तहसीलदार समेत अन्य अधिकारियों के समक्ष विरोध जताया था। उमा रैक्वाल के पति नीरज रैक्वाल इस योजना का शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवासीय योजना कृषि योग्य भूमि पर बनाई जा रही है। जो गलत है।
इस साल पीएम आवास योजना के तहत 50 लाभार्थियों के प्रस्ताव भेजे गए हैं। इससे पूर्व नौ हजार आवेदन और भेजे गए थे।
सुरेश अधिकारी, सामाजिक विकास अधिकारी, नगर निगम
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नगर निगम के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन हो रहा है। क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) के तहत नगर निगम क्षेत्र के नौ हजार बेघर लोगों ने आवास के लिए आवदेन किया है। इसके तहत उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद ने हल्द्वानी में दो आवासीय योजनाओं का खाका तैयार किया है। ये आवास गौलापार में बनने हैं।
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गौलापार में आवास बनाने की योजना से गौलापार-चोरगलिया की जनता इसके विरोध में उतर गई है। इसके लिए कई बार धरना प्रदर्शन किया जा चुका है। उधर, सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों ने भी इस योजना को गौलापार से अन्य स्थान में शिफ्ट करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। आवास विकास परिषद के कमिश्नर विनोद कुमार सुमन ने बताया कि कई आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। अब इस मामले में सरकार को फैसला करना है।
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कई दिनों से विरोध में जुटे हैं ग्रामीण
ग्राम सभा पदमपुर रैकुनी में जब से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास योजना विकसित किए जाने की बात कही जा रही है। ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है की यह योजना गांव के बीचोबीच में बनाई जा रही है जिससे गांव का नक्शा ही बदल जाएगा। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि इससे क्षेत्र में बेवजह भीड़ बढ़ेगी और गांव का माहौल खराब होगा। ग्रामीणों ने हाल ही में तहसीलदार समेत अन्य अधिकारियों के समक्ष विरोध जताया था। उमा रैक्वाल के पति नीरज रैक्वाल इस योजना का शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवासीय योजना कृषि योग्य भूमि पर बनाई जा रही है। जो गलत है।
इस साल पीएम आवास योजना के तहत 50 लाभार्थियों के प्रस्ताव भेजे गए हैं। इससे पूर्व नौ हजार आवेदन और भेजे गए थे।
सुरेश अधिकारी, सामाजिक विकास अधिकारी, नगर निगम