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Haldwani News: तराई में बढ़े सांप डसने के मामले, हर साल 20 लोगों की होती हैं मौत, 1366 मामले आए सामने

Sat, 14 Oct 2023 12:43 PM IST
हीरा मेहरा विजेंद्र श्रीवास्तव
विजेंद्र श्रीवास्तव Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 14 Oct 2023 12:43 PM IST
सार

हल्द्वानी क्षेत्र में सांप दहशत फैला रहे हैं। यहां रोजाना सांप निकलने की घटना सामने आ रही हैं। सांप रेस्क्यू के दौरान वनकर्मी भी सर्पदंश का शिकार हो रहे हैं। केवल तराई पूर्वी वन प्रभाग में ही 17 महीने में सांप निकलने के 1366 मामले सामने आए हैं।

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Snake bite cases increased in Haldwani
सांप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बाघ से ज्यादा सांप दहशत फैला रहे हैं। शायद ही कोई दिन जाता हो जब सांप निकलने की घटना नहीं होती हो। सांप रेस्क्यू के दौरान वनकर्मी भी सर्पदंश का शिकार हो रहे हैं। केवल तराई पूर्वी वन प्रभाग में ही 17 महीने में सांप निकलने के 1366 मामले सामने आए हैं। इनमें भी गौला रेंज में सांप का ज्यादा वास है। यहां लोगों के घर, दुकान में सबसे ज्यादा सर्प निकलने की घटना हुई हैं।

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मानव-वन्यजीव संघर्ष की बात होती है तो फोकस बाघ, तेंदुओं से होने हमले पर होता है, पर वन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इससे ज्यादा सांप लोगों में दहशत उत्पन्न कर रहे हैं। पश्चिमी वृत्त के अधीन आने वाले वन प्रभागों में बीते पांच साल में हर साल 20 लोगों की मौत सांप के काटने से हुई है। 
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सांप की घटनाओं का अंदाजा केवल एक वन प्रभाग से लगाया जा सकता है। तराई  पूर्वी वन प्रभाग में बीते 17 महीनें में एक-दो नहीं, बल्कि 1366 सांप निकलने की घटना हुई, इसमें भी पांच महीने में ही 610 घटनाएं हुई हैं
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हर दिन सांप के काटने के दो केस आते हैं
मेडिकल काॅलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल में हर दिन सांप काटने के औसतन मामले सामने आते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बेहतर बात यह है कि यहां पर सांप काटने के इलाज की सभी सुविधा होने के कारण अधिकांश लोगों को बचा लिया जाता है।

गौला रेंज में सबसे ज्यादा सांप 
तराई पूर्वी वन प्रभाग में नौ रेंज हैं। इसकी सीमा नेपाल तक लगी है। सांप के मामले में गौला रेंज सबसे अधिक संवेदनशील रहा है। यहां पर 524 घटना हुई। इसके बाद खटीमा रेंज 204 और तीसरे नंबर पर डौली रेंज 175 है। तराई पूर्वी वन प्रभाग में 28 मगरमच्छ और 62 कबर बिज्जू समेत दूसरे वन्यजीवों के रेस्क्यू के मामले भी सामने आए हैं।

बेहद जहरीले सांप निकल रहे

तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ संदीप कुमार कहते हैं कि वन विभाग की टीम ने बैंडेड करैत जैसे बेहद जहरीले सांप को रेस्क्यू किया है। सांप निकलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वन कर्मियों के सांप निकलने में प्रजाति वार बात करे तो कोबरा सांप के मामले सर्वाधिक सामने आते हैं।


 

बाघ के हमले में पांच सालों में 23 लोग की मौत

पांच सालों में पश्चिम वृत्त के अधीन आने वाले वन प्रभागों में बाघ के हमले भी हुए। इन हमलों में 23 लोगोंं की मौत हुई और 24 लोग घायल हुए थे, जबकि सर्पदंश के मामले इससे कहीं अधिक हैं।

 

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