{"_id":"60c3c8018ebc3e59ab432088","slug":"slowly-getting-back-on-track-haldwani-news-hld4274092151","type":"story","status":"publish","title_hn":"धीरे- धीरे पटरी पर लौटने लगी व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धीरे- धीरे पटरी पर लौटने लगी व्यवस्था
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हल्द्वानी। कोरोना की दूसरी लहर के बाद पटरी पर धीरे-धीरे व्यवस्था लौटने लगी है। शुक्रवार से कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल में ओपीडी शुरू हो गई है। पहले दिन 278 रोगी इलाज के लिए ओपीडी में पहुंचे। वहीं, काठगोदाम स्टेशन से देहरादून के लिए नैनी-दून जनशताब्दी और काठगोदाम-दिल्ली विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ है। इससे लोगों को सुविधा हुई है।
सबसे ज्यादा टीबी चेस्ट, मेडिसिन विभाग में पहुंचे रोगी
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में शुक्रवार को ओपीडी शुरू हुई। कोरोना की दूसरी लहर के बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह के बाद से ओपीडी बंद थी। टीबी एंड चेस्ट रोग और मेडिसिन विभाग में अन्य विभागों की तुलना में सबसे ज्यादा रोगी क्रमश: 50 और 43 पहुंचे। आर्थोपेडिक में 21, त्वचा रोग विभाग में 19, मानसिक में 11, डेंटल में 8, नेत्र रोग में 9, न्यूरो सर्जरी में 20, बाल रोग में 10, ईएनटी में 11, सर्जरी में 27, कैंसर रोग विभाग 13, गायनी 21 और कार्डियोलॉजी विभाग में 11 रोगी पहुंचे। इलाज के लिए हल्द्वानी के अलावा मुरादाबाद जिले से भी मरीज पहुंचे थे।
चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि ओपीडी में नए के अलावा कुछ पुराने रोगी भी पहुंचे थे। डायबिटीज समेत अन्य मर्ज से जुड़े मामले थे। बताया कि अस्पताल में प्रवेश से पहले रोगियों की स्क्रीनिंग की गई। सामाजिक दूरी पालन हो, लोग मास्क लगाए रहे इसे भी सुनिश्चित कराने का प्रयास किया गया। वहीं, मुरादाबाद जिले से आए चंद्रपाल सिंह, मुखानी के नन्हे लाल, वैलेजली के दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि ओपीडी शुरू होने से रोगियों को सुविधा होगी। आशा तिवारी ने कहा कि ओपीडी बंद होने से वह चिकित्सकों को खुद को नहीं दिखा पाई थी, अब डॉक्टरों से बीमारी के संबंध में परामर्श मिल सकेगा।
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काठगोदाम से दून और दिल्ली के लिए ट्रेनें चलीं
हल्द्वानी। काठगोदाम से नैनी दून जनशताब्दी और काठगोदाम-दिल्ली विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों के शुरू होने से ज्यादा किराया नहीं देना होगा। काठगोदाम स्टेशन अधीक्षक चयन रॉय का कहना था कि पहला दिन था, यात्रियों की संख्या कम ही रही। पर आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ट्रेनों के चलने से लोगों को खासी सुविधा होगी।
वहीं, काठगोदाम-दिल्ली विशेष ट्रेन में यात्रा करने के लिए पहुंचे हल्द्वानी निवासी कैलास पांडे कहते हैं कि दिल्ली के लिए बसें भी नहीं चल रही थीं, अगर किसी को इमरजेंसी में जाना होता था, तो टैक्सी बुक कर जाने का ही विकल्प था। इसमें ज्यादा धनराशि लगती थी, अब ट्रेनों के चलने से ज्यादा किराया नहीं देना होगा।
ट्रेनों के संचालन से कारोबार को मिलेगी गति
हल्द्वानी। मटर गली व्यापारी एसोसिएशन की वर्चुअल बैठक में करीब महीने भर बाद ट्रेनों का संचालन शुरू होने पर खुशी जताई गई। एसोसिएशन अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली और महामंत्री पंकज गुप्ता ने कहा कि काठगोदाम से दिल्ली संपर्क क्रांति, नैनी दून एक्सप्रेस को 14 जून और लखनऊ शताब्दी का 16 जून से संचालित होने पर कारोबारियों को सुविधा होगी। ट्रेनों का संचालन शुरू होने से कारोबार भी गति पकड़ेगा। उन्होंने काठगोदाम से महानगरों को जोड़ने वाली गरीब रथ, मुंबई, अमृतसर के लिए भी ट्रेनें चलाने की मांग की। उन्होंने काठगोदाम स्टेशन अधीक्षक चयन रॉय व हल्द्वानी स्टेशन अधीक्षक मनोहर पंत से भी वार्ता की। वर्चुअल बैठक में मोइन बाबा, प्रेम चौधरी, मनीष वर्मा, वकार अहमद, रोहित गौड़, मो. आरिफ, लक्ष्मी नारायण, अतुल गांधी, जाकिर हुसैन सिद्दीकी, सौरभ सिंघल, राजन नागपाल, डिंकी नागपाल, सुरेश रौतेला, संदीप सक्सेना, सरफराज हुसैन, राकेश वार्ष्णेय, विनोद कुमार आदि रहे। (माई सिटी रिपोर्टर)
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सबसे ज्यादा टीबी चेस्ट, मेडिसिन विभाग में पहुंचे रोगी
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में शुक्रवार को ओपीडी शुरू हुई। कोरोना की दूसरी लहर के बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह के बाद से ओपीडी बंद थी। टीबी एंड चेस्ट रोग और मेडिसिन विभाग में अन्य विभागों की तुलना में सबसे ज्यादा रोगी क्रमश: 50 और 43 पहुंचे। आर्थोपेडिक में 21, त्वचा रोग विभाग में 19, मानसिक में 11, डेंटल में 8, नेत्र रोग में 9, न्यूरो सर्जरी में 20, बाल रोग में 10, ईएनटी में 11, सर्जरी में 27, कैंसर रोग विभाग 13, गायनी 21 और कार्डियोलॉजी विभाग में 11 रोगी पहुंचे। इलाज के लिए हल्द्वानी के अलावा मुरादाबाद जिले से भी मरीज पहुंचे थे।
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चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि ओपीडी में नए के अलावा कुछ पुराने रोगी भी पहुंचे थे। डायबिटीज समेत अन्य मर्ज से जुड़े मामले थे। बताया कि अस्पताल में प्रवेश से पहले रोगियों की स्क्रीनिंग की गई। सामाजिक दूरी पालन हो, लोग मास्क लगाए रहे इसे भी सुनिश्चित कराने का प्रयास किया गया। वहीं, मुरादाबाद जिले से आए चंद्रपाल सिंह, मुखानी के नन्हे लाल, वैलेजली के दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि ओपीडी शुरू होने से रोगियों को सुविधा होगी। आशा तिवारी ने कहा कि ओपीडी बंद होने से वह चिकित्सकों को खुद को नहीं दिखा पाई थी, अब डॉक्टरों से बीमारी के संबंध में परामर्श मिल सकेगा।
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काठगोदाम से दून और दिल्ली के लिए ट्रेनें चलीं
हल्द्वानी। काठगोदाम से नैनी दून जनशताब्दी और काठगोदाम-दिल्ली विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों के शुरू होने से ज्यादा किराया नहीं देना होगा। काठगोदाम स्टेशन अधीक्षक चयन रॉय का कहना था कि पहला दिन था, यात्रियों की संख्या कम ही रही। पर आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ट्रेनों के चलने से लोगों को खासी सुविधा होगी।
वहीं, काठगोदाम-दिल्ली विशेष ट्रेन में यात्रा करने के लिए पहुंचे हल्द्वानी निवासी कैलास पांडे कहते हैं कि दिल्ली के लिए बसें भी नहीं चल रही थीं, अगर किसी को इमरजेंसी में जाना होता था, तो टैक्सी बुक कर जाने का ही विकल्प था। इसमें ज्यादा धनराशि लगती थी, अब ट्रेनों के चलने से ज्यादा किराया नहीं देना होगा।
ट्रेनों के संचालन से कारोबार को मिलेगी गति
हल्द्वानी। मटर गली व्यापारी एसोसिएशन की वर्चुअल बैठक में करीब महीने भर बाद ट्रेनों का संचालन शुरू होने पर खुशी जताई गई। एसोसिएशन अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली और महामंत्री पंकज गुप्ता ने कहा कि काठगोदाम से दिल्ली संपर्क क्रांति, नैनी दून एक्सप्रेस को 14 जून और लखनऊ शताब्दी का 16 जून से संचालित होने पर कारोबारियों को सुविधा होगी। ट्रेनों का संचालन शुरू होने से कारोबार भी गति पकड़ेगा। उन्होंने काठगोदाम से महानगरों को जोड़ने वाली गरीब रथ, मुंबई, अमृतसर के लिए भी ट्रेनें चलाने की मांग की। उन्होंने काठगोदाम स्टेशन अधीक्षक चयन रॉय व हल्द्वानी स्टेशन अधीक्षक मनोहर पंत से भी वार्ता की। वर्चुअल बैठक में मोइन बाबा, प्रेम चौधरी, मनीष वर्मा, वकार अहमद, रोहित गौड़, मो. आरिफ, लक्ष्मी नारायण, अतुल गांधी, जाकिर हुसैन सिद्दीकी, सौरभ सिंघल, राजन नागपाल, डिंकी नागपाल, सुरेश रौतेला, संदीप सक्सेना, सरफराज हुसैन, राकेश वार्ष्णेय, विनोद कुमार आदि रहे। (माई सिटी रिपोर्टर)