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सिमाला के पांच परिवार खतरे में
ब्यूरो/अमर उजाला,भीमताल
Updated Tue, 03 Mar 2015 01:53 AM IST
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जंगलियागांव ग्रामसभा के तोक सिमाला में हो रहे भूस्खलन से तोक में रह रहे पांच परिवारों को खतरा बना हुआ है। बार-बार मांग के बाद भी भूस्खलन प्रभावितों को अन्यत्र विस्थापित न किया गया है।
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सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम सिंह कुल्याल ने बताया कि वर्ष 2012 और 13 में लगातार बारिश के बाद भांकर की पहाड़ी में हुए भूस्खलन का मलबा सिमाला तोक में आ पहुंचा था जिस कारण तोक की 300 नाली उपजाऊ जमीन मलबे में दब गई थी, जो अब भी जस की तस है।
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उन्होंने बताया कि लगातार हो रही बारिश से भांकर की पहाड़ी में एक बार फिर भूस्खलन का खतरा पैदा हो गया है, जिससे महेश चंद्र, मोहन चंद्र, सुरेश चंद्र समेत अनुसूचित जाति के पांच परिवारों को खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले साल आई आपदा के बाद से महेश चंद्र का परिवार गांव में ही एक खेत में अस्थायी आवास बनाकर रह रहा है, जिसकी सुध अब तक प्रशासन ने नहीं ली है।
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