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Nainital News: अल्मोड़ा और भीमताल के सीवरेज के पानी के सैंपल दोबारा फेल
Sat, 22 Mar 2025 02:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 22 Mar 2025 02:09 AM IST
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हल्द्वानी। अल्मोड़ा और भीमताल स्थित जल संस्थान के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से लिए गए पानी के सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। मापक पैमाने पर बायोकेमिकल आक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा तय से ज्यादा मिली है। भीमताल में यह 30 से बढ़कर 40 और अल्मोड़ा में 30 की जगह 36 मिला है। अब पीसीबी इन दोनों संस्थानों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई करेगा। बताते हैं कि इन दोनों प्लांटों के सैंपल पिछली बार दिसंबर में हुई जांच में भी फेल हो गए थे।
अल्मोड़ा और भीमताल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का संचालन किया जाता है। अल्मोड़ा की क्षमता दो एमएलडी और भीमताल की क्षमता 1.25 एमएलडी है। प्लांट से निष्कासित पानी नदियों में छोड़ा जाता है। नदी में जीव-जंतु की सेहत पर दुष्प्रभाव न पड़े और उन्हें आक्सीजन की पर्याप्त मात्रा मिलती रहे, इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समय-समय पर प्लांटों से छोड़े जाने वाली पानी की जांच करता है। जनवरी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नौ सीवरेज प्लांटों के पानी की जांच की थी। अन्य जगह तो स्थिति सही मिली लेकिन अल्मोड़ा और भीमताल में बीओडी ज्यादा मिला। हालांकि इनका पीएच का स्तर सामान्य था। भीमताल में पानी का पीएच स्केल 6.15 व अल्मोड़ा का 6.37 रहा, यह नौ तक सही है। बताया जा रहा है कि दोनों ट्रीटमेंट प्लांट की मशीनें पुरानी होने के चलते पानी का उचित तरीके से शोधन नहीं कर पा रही हैं।
वर्जन
समय-समय पर सीवरेज के पानी की जांच की जाती है। भीमताल और अल्मोड़ा के सैंपल जांच में फेल हुए हैं। दोनों के जल संस्थानों को आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है। यदि दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी।
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अनुराग नेगी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
क्या होता है बीओडी
बीओडी पानी में मौजूद जैव निम्नीकरणीय कार्बनिक पदार्थ की मात्रा को दर्शाता है। यह शुद्धिकरण के लिए आवश्यक उपचार की मात्रा को भी बताता है। यदि यह उच्च होता है तो उपचार की आवश्यकता अधिक होगी। इसलिए, सुरक्षित पेयजल में कोई बीओडी नहीं होना चाहिए। बीओडी एक माप है कि अपशिष्ट जल उपचार संयंत्रों को कार्बनिक पदार्थ को हटाने के लिए कितनी ऑक्सीजन की आवश्यकता है। इसे मिलीग्राम प्रति लीटर में मापा जाता है।
इन जगहों का सैंपल पास
जगह - बीओडी
एसटीपी कृष्णापुर नैनीताल - 24
एसटीपी हरिनगर नैनीताल - 22
एसटीपी नारायणनगर नैनीताल - 24
एसटीपी इंद्रा नगर हल्द्वानी - 8
एसटीपी रामनगर - 10
एसटीपी ट्रांसपोर्ट नगर रामनगर - 8
एसटीपी निरादा पिथौरागढ - 18
एसटीपी ऐंचोली पिथौरागढ़- 20
नोट- बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) मानक 30 तक होना चाहिए।
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अल्मोड़ा और भीमताल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का संचालन किया जाता है। अल्मोड़ा की क्षमता दो एमएलडी और भीमताल की क्षमता 1.25 एमएलडी है। प्लांट से निष्कासित पानी नदियों में छोड़ा जाता है। नदी में जीव-जंतु की सेहत पर दुष्प्रभाव न पड़े और उन्हें आक्सीजन की पर्याप्त मात्रा मिलती रहे, इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समय-समय पर प्लांटों से छोड़े जाने वाली पानी की जांच करता है। जनवरी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नौ सीवरेज प्लांटों के पानी की जांच की थी। अन्य जगह तो स्थिति सही मिली लेकिन अल्मोड़ा और भीमताल में बीओडी ज्यादा मिला। हालांकि इनका पीएच का स्तर सामान्य था। भीमताल में पानी का पीएच स्केल 6.15 व अल्मोड़ा का 6.37 रहा, यह नौ तक सही है। बताया जा रहा है कि दोनों ट्रीटमेंट प्लांट की मशीनें पुरानी होने के चलते पानी का उचित तरीके से शोधन नहीं कर पा रही हैं।
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समय-समय पर सीवरेज के पानी की जांच की जाती है। भीमताल और अल्मोड़ा के सैंपल जांच में फेल हुए हैं। दोनों के जल संस्थानों को आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है। यदि दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी।
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अनुराग नेगी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
क्या होता है बीओडी
बीओडी पानी में मौजूद जैव निम्नीकरणीय कार्बनिक पदार्थ की मात्रा को दर्शाता है। यह शुद्धिकरण के लिए आवश्यक उपचार की मात्रा को भी बताता है। यदि यह उच्च होता है तो उपचार की आवश्यकता अधिक होगी। इसलिए, सुरक्षित पेयजल में कोई बीओडी नहीं होना चाहिए। बीओडी एक माप है कि अपशिष्ट जल उपचार संयंत्रों को कार्बनिक पदार्थ को हटाने के लिए कितनी ऑक्सीजन की आवश्यकता है। इसे मिलीग्राम प्रति लीटर में मापा जाता है।
इन जगहों का सैंपल पास
जगह - बीओडी
एसटीपी कृष्णापुर नैनीताल - 24
एसटीपी हरिनगर नैनीताल - 22
एसटीपी नारायणनगर नैनीताल - 24
एसटीपी इंद्रा नगर हल्द्वानी - 8
एसटीपी रामनगर - 10
एसटीपी ट्रांसपोर्ट नगर रामनगर - 8
एसटीपी निरादा पिथौरागढ - 18
एसटीपी ऐंचोली पिथौरागढ़- 20
नोट- बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) मानक 30 तक होना चाहिए।