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सात अधिवक्ताओं ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 May 2017 02:24 AM IST
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अदालत
प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी मुकदमों की पैरवी के लिए हाइकोर्ट में नियुक्त किए गए 28 सरकारी अधिवक्ताओं में से सात अधिवक्ताओं ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
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बता दें कि पूर्व में राज्यपाल की अनुमति के बाद सरकार ने 26 मई को अधिसूचना जारी कर हाइकोर्ट में सरकार की ओर से पैरवी के लिए मोहन चंद्र पांडे, जगदीश प्रसाद जोशी व बालादत्त उपाध्याय को अपर महाधिवक्ता, उपमहाधिवक्ता के रूप में बिंदेश कुमार गुप्ता, मोहन चंद्र तिवारी, ममता बिष्ट, हर्षमणि रतूणी, संदीप टंडन, सुभाष त्यागी, कौस्तुबानंद जोशी, अमित भट्ट, विनोद कुमार जैमिनी, पंकज पुरोहित, सुधीर कुमार चौधरी, शैलेंद्र सिंह चौहान, सुनील खेड़ा, तेज सिंह बिष्ट, नाथी सिंह पुंडीर व विनोद कुमार नौटियाल, अनिल कुमार जोशी, योगेश कुमार पांडे व चंद्रशेखर रावत को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता नियुक्त किया था।
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इसके अलावा गजेंद्र सिंह संधू को शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किया गया था। वहीं, प्रेम सिंह बोहरा, शेर सिंह अधिकारी, टेकचंद्र अग्रवाल, जगजीत सिंह विर्क व प्रतिरूप पांडे को सहायक शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किया था।
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इन्होंने नहीं लिया कार्यभार
अपर महाधिवक्ता बनाए गए बालादत्त उपाध्याय, अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता अनिल जोशी, उप महाधिवक्ता विनोद कुमार नौटियाल, बिंदेश कुमार गुप्ता, अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता सीएस रावत, सहायक शासकीय अधिवक्ता तेज चंद्र अग्रवाल व जगजीत सिंह विर्क ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता बनाए गए सीएस रावत ने कहा कि उनको इस संबंध में महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर और शासकीय अधिवक्ता की ओर से कोई विधिवत जानकारी नहीं मिली थी। उन्हें केवल अखबार के माध्यम से जानकारी मिली थी।
बता दें कि पूर्व में विनोद कुमार नौटियाल, बिंदेश कुमार गुप्ता अपर महाधिवक्ता व तेज चंद्र अग्रवाल अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता के पद पर तैनात रह चुके हैं। वहीं कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि स्वयं को मिले पदों से यह अधिवक्ता संतुष्ट नहीं हैं।