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वैज्ञानिकों ने हार्टबीट प्रणाली वाले पहले स्पंदनहीन तारे को खोजा
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नैनीताल। एरीज के वैज्ञानिकों ने हार्टबीट प्रणाली वाले ऐसे असामान्य तारे की खोज की है जो अपने नजदीक कोई स्पंदन नहीं दर्शाता है।
भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तहत आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज (एरीज) नैनीताल के वैज्ञानिक डॉ. संतोष जोशी के नेतृत्व में विभिन्न देशों के 33 वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन में सहभागिता की। इनमें युगांडा, थाईलैंड, अमेरिका, रूस, बेल्जियम, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, पोलैंड और तुर्की आदि के वैज्ञानिक शामिल रहे। टीम ने अध्ययन के लिए विश्व के विभिन्न भागों में स्थित आठ दूरबीनों का प्रयोग कर फोटोमेट्रिक और हाई रिजॉल्यूशन स्पेक्ट्रोस्कोपिक का विश्लेषण किया। अवलोकन में उन्होंने पाया कि एचडी 73619 बाइनरी सिस्टम रासायनिक रूप से असामान्य सितारों में दिल की धड़कन (हार्टबीट) प्रणाली वाला पहला सदस्य है, जो अपने नजदीक कोई स्पंदन या कंपन जैसी गतिविधि प्रकट नहीं करता।
डॉ. संतोष जोशी ने बताया कि रासायनिक रूप से असामान्य तारे वह होते हैं जिनकी सतह पर हाइड्रोजन और हीलियम से भारी तत्वों का असामान्य रूप से बहुतायत होता है। विश्लेषण से पता चला कि नए खोजे गए दिल की धड़कन प्रणाली का तारा या तो बहुत कमजोर है या इसका कोई चुंबकीय क्षेत्र नहीं है। यह विश्लेषण ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस की वैज्ञानिक पत्रिका, रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी के आगामी अंक में प्रकाशित होगा। उन्होंने बताया कि गैर चुंबकीय सितारों में स्पॉट के कारण असमानताओं के अध्ययन और स्पंदनात्मक परिवर्तनशीलता की उत्पत्ति की जांच के लिए इस खोज का महत्व है।
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भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तहत आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज (एरीज) नैनीताल के वैज्ञानिक डॉ. संतोष जोशी के नेतृत्व में विभिन्न देशों के 33 वैज्ञानिकों ने इस अध्ययन में सहभागिता की। इनमें युगांडा, थाईलैंड, अमेरिका, रूस, बेल्जियम, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, पोलैंड और तुर्की आदि के वैज्ञानिक शामिल रहे। टीम ने अध्ययन के लिए विश्व के विभिन्न भागों में स्थित आठ दूरबीनों का प्रयोग कर फोटोमेट्रिक और हाई रिजॉल्यूशन स्पेक्ट्रोस्कोपिक का विश्लेषण किया। अवलोकन में उन्होंने पाया कि एचडी 73619 बाइनरी सिस्टम रासायनिक रूप से असामान्य सितारों में दिल की धड़कन (हार्टबीट) प्रणाली वाला पहला सदस्य है, जो अपने नजदीक कोई स्पंदन या कंपन जैसी गतिविधि प्रकट नहीं करता।
डॉ. संतोष जोशी ने बताया कि रासायनिक रूप से असामान्य तारे वह होते हैं जिनकी सतह पर हाइड्रोजन और हीलियम से भारी तत्वों का असामान्य रूप से बहुतायत होता है। विश्लेषण से पता चला कि नए खोजे गए दिल की धड़कन प्रणाली का तारा या तो बहुत कमजोर है या इसका कोई चुंबकीय क्षेत्र नहीं है। यह विश्लेषण ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस की वैज्ञानिक पत्रिका, रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी के आगामी अंक में प्रकाशित होगा। उन्होंने बताया कि गैर चुंबकीय सितारों में स्पॉट के कारण असमानताओं के अध्ययन और स्पंदनात्मक परिवर्तनशीलता की उत्पत्ति की जांच के लिए इस खोज का महत्व है।
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