गरीबों को त्वरित न्याय दिलाने को सालसा आगे आए : न्यायमूर्ति जोजफ

अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल Updated Sun, 05 Mar 2017 01:19 AM IST
Salsa came to quick justice to the poor: Justice Jojf
खुलेंगे सैकड़ो न्यायालय - फोटो : Getty
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोजफ ने कहा है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रहे। विशेषकर दूरस्थ गांवों में रह रहे गरीबों को भी त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जाए। इस कार्य के लिए उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बढ़-चढ़कर आगे आए।

कहा कि सालसा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण से आम जनता की समस्याओं को हल कराने के लिए जनहित याचिकाएं दायर करने की भी अनुमति ले। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूति केएम जोजफ शनिवार को हाईकोर्ट परिसर में आयोजित सालसा की 15वीं सालाना बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें जनहित से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने संबंधी प्रस्ताव मुख्य था। तय किया गया कि सालसा शीघ्र ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण से जनहित याचिका दायर करने संबंधी अनुमति प्राप्त करेगा।

सालसा ने गरीब और असहाय लोगों के मुकदमों की पैरवी के लिए नियुक्त अधिवक्ताओं की फीस बढ़ाने का प्रस्ताव पुन: राज्य सरकार को भेजने का फैसला लेते हुए कहा कि प्रदेश सरकार फीस में हर साल वृद्धि करने का रेग्यूलेशन तैयार करे।

सालसा के पूर्व पारित प्रस्तावों के क्रम में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि प्रदेश के पांच और जिलों में स्थायी लोक अदालतों का गठन कर वहां पीठासीन अधिकारियों व अन्य पदों का सृजन कर दिया गया है।

अल्मोड़ा, नैनीताल, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी में स्थायी लोक अदालतें गठित कर ली गई है। देहरादून और ऊधमसिंह नगर में पहले से ही स्थायी लोक अदालतें गठित हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट स्थित मध्यस्थता केंद्र के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए 45.67 लाख के बजट का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में रखा गया।

बैठक में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने, मानव तस्करी और वेश्यावृति रोकने, जनजातियों को उनके अधिकारों का संरक्षण देने, नशा मुक्ति को बढ़ावा देने, मानसिक रूप से कमजोर लोगों को कानूनी सहायता देने, तेजाब अटैक पीड़ितों की मदद करने, बुजुर्गों को कानूनी संरक्षण देने, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।

बैठक में न्यायमूर्ति राजीव शर्मा, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, महाधिवक्ता बीएस नेगी, डीजीपी एमए गणपति, राज्य महिला आयोग की अध्यक्षता सरोजनी कंत्यूरा, नैनीताल की जिला जज कुुमकुम रानी, देहरादून के जिला जज एनएस धानिक, डीजी हेल्थ डॉ. डीएस रावत, सचिव न्याय विभाग आलोक वर्मा, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव राजस्व हरवंश चुघ, अपर सचिव मनोज चंद्रन, सालसा की विशेष कार्याधिकारी रीना नेगी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल नरेंद्र दत्त सहित कई न्यायिक अधिकारी मौजूद थे। संचालन सालसा के सचिव प्रशांत जोशी ने किया।

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