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बीआरओ ने चीन सीमा के 10 हजार से 14500 फुट की ऊंचाई में बंद सड़क खोला
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बीआरओ के एडीजी विशिष्ट सेवा मेडल हरेंद्र कुमार बीआरओ के अधिकारियों और मजदूरों से मुलाकात करते ह?
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। भारी बर्फबारी और बारिश के कारण तवाघाट-लिपुलेख और गुंजी-ज्योलीकांग की सड़क कई जगहों पर मलबा व बोल्डर आने से बंद हो गई थी। बीआरओ की 65 और 67 आरसीसी ने युद्ध स्तर पर कार्य कर 10000 से 14500 फु़ट की ऊंचाई पर स्थित इन सड़कों को खोल दिया है।
बीआरओ के एडीजी हरेंद्र कुमार ने चीन सीमा की सड़क का निरीक्षण कर विषम परिस्थितियों में कार्य कर रहे अधिकारियों और मजदूरों की हौसलाफजाई की और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क को हर समय सुचारु रखने के निर्देश दिए।
गुंजी से लिपुलेख और गुंजी से ज्योलीकांग सड़क दो फुट से अधिक बर्फबारी होने के कारण बंद हो गई थी। बीआरओ की 65 आरसीसी कंपनी के अधिकारियों और मजदूरों ने कड़ी मेहनत के बाद सड़क को खोल दिया है। 67 आरसीसी ग्रेफ के अधिकारियों ने सोमवार को लामारी और छियालेख में बंद सड़क को भी खोला।
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अब तवाघाट-लिपुलेख और गुंजी-ज्योलीकांग सड़क पूरी तरह यातायात के लिए खुल चुकीं हैं। सड़क खुलने से सेना, आईटीबीपी, एसएसबी के साथ-साथ व्यास घाटी के लोगों को आवाजाही में राहत मिल रही है।
गुंजी में आगामी 29 और 30 अक्तूबर को होने वाले आजादी के अमृत महोत्सव और शिवोत्सव की तैयारी में लगे लोगों ने भी राहत की सांस ली है। सुभाष बुदियाल और देवेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क खुलने के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे 10 से ज्यादा वाहन धारचूला पहुंच गए हैं।
बीआरओ के एडीजी हरेंद्र कुमार के निरीक्षण के दौरान बीआरओ के चीफ इंजीनियर एमएएनवी प्रसाद और कमांडर कर्नल एनके शर्मा ने एडीजी को सड़क निर्माण आदि कार्यों की जानकारी दी।
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बीआरओ के एडीजी हरेंद्र कुमार ने चीन सीमा की सड़क का निरीक्षण कर विषम परिस्थितियों में कार्य कर रहे अधिकारियों और मजदूरों की हौसलाफजाई की और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क को हर समय सुचारु रखने के निर्देश दिए।
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गुंजी से लिपुलेख और गुंजी से ज्योलीकांग सड़क दो फुट से अधिक बर्फबारी होने के कारण बंद हो गई थी। बीआरओ की 65 आरसीसी कंपनी के अधिकारियों और मजदूरों ने कड़ी मेहनत के बाद सड़क को खोल दिया है। 67 आरसीसी ग्रेफ के अधिकारियों ने सोमवार को लामारी और छियालेख में बंद सड़क को भी खोला।
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अब तवाघाट-लिपुलेख और गुंजी-ज्योलीकांग सड़क पूरी तरह यातायात के लिए खुल चुकीं हैं। सड़क खुलने से सेना, आईटीबीपी, एसएसबी के साथ-साथ व्यास घाटी के लोगों को आवाजाही में राहत मिल रही है।
गुंजी में आगामी 29 और 30 अक्तूबर को होने वाले आजादी के अमृत महोत्सव और शिवोत्सव की तैयारी में लगे लोगों ने भी राहत की सांस ली है। सुभाष बुदियाल और देवेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क खुलने के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे 10 से ज्यादा वाहन धारचूला पहुंच गए हैं।
बीआरओ के एडीजी हरेंद्र कुमार के निरीक्षण के दौरान बीआरओ के चीफ इंजीनियर एमएएनवी प्रसाद और कमांडर कर्नल एनके शर्मा ने एडीजी को सड़क निर्माण आदि कार्यों की जानकारी दी।