फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   respiratory. department. out. breath. lack. oxygen capsules.

Nainital News: ऑक्सीजन कैप्सूल न होने से दम फूला श्वांस रोग विभाग का

Sun, 18 May 2025 01:43 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Sun, 18 May 2025 01:43 AM IST
विज्ञापन
respiratory. department. out. breath. lack. oxygen capsules.
हल्द्वानी। संसाधन जुटाने में सिस्टम की सांसें फूलने से टीबी और श्वांस रोग विभाग का 60 बेड का नया भवन शोपीस बना हुआ है। परिसर में 30 बेड के पुराने भवन में ही मरीजों का इलाज हो रहा है। मरीजों का दबाव बढ़ने और ऑक्सीजन की जरूरत पर उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा जा रहा है। परेशानी की जड़ विभाग में ऑक्सीजन प्लांट का न होना है, जो कि मरीजों के लिए सबसे जरूरी है। इसीलिए नई बिल्डिंग में मरीज भर्ती नहीं हो पा रहे हैं।
विज्ञापन

रामपुर रोड स्थित एचएन स्कूल के पास मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत टीबी और श्वांस रोग विभाग का पांच मंजिल भवन बनाया गया। 60 बेड के नए भवन में 10 बेड का आईसीयू भी है। ग्राउंड फ्लोर में टीबी और श्वांस रोगियों की ओपीडी काफी पहले शुरू हो गई थी। पिछले साल कहा गया था कि यहां आईपीडी भी जल्द शुरू हो जाएगी। तब से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पुराने भवन में 30 मरीजों को भर्ती कर सकते हैं। इसमें 11 बेड मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) मरीजों के लिए और 19 बेड साधारण टीबी मरीजों के लिए हैं। साधारण मरीजों को जब ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें एसटीएच भेजा जाता है।
विज्ञापन


खतरे की आशंका पर भवन के बाहर प्लांट लगाने की तैयारी
नए भवन के बेसमेंट में ही ऑक्सीजन प्लांट के लिए जगह बनाई गई थी। आग लगने और मरीजों को खतरा होने की आशंका पर अब भवन के बाहर ऑक्सीजन प्लांट लगाने की बात कही जा रही है। नए भवन में जांच के नाम पर दो मशीनें लगी हैं। यहां मरीजों को एक्स-रे जांच और पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट सुविधा मिल पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
ऑक्सीजन प्लांट न होने से आईपीडी शुरू नहीं हो सकी है। ऑक्सीजन के लिए 20 हजार लीटर क्षमता के लिक्विड ऑक्सीजन कैप्सूल के लिए टेंडर किया गया है। नए भवन में ड्रग वितरण केंद्र और रजिस्ट्रेशन काउंटर भी बन रहा है। यह सब प्रक्रिया पूरी होने के बाद यहां मरीजों को भर्ती करना संभव हो पाएगा।

डॉ. आरजी नौटियाल, विभागाध्यक्ष, टीबी और श्वांस रोग विभाग

विभागाध्यक्ष के अलावा वह स्वयं भी टीबी विभाग में जल्द आईपीडी शुरू करने के प्रयास में लगे हुए हैं। ऑक्सीजन प्लांट के लिए शासन को पत्र भेजा गया है, विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं। जैसे ही व्यवस्था बनेगी मरीजों को नए भवन में भर्ती किया जाएगा।
डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed