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Nainital News: यूसीसी पोर्टल पर शादी का पंजीकरण नहीं कराया तो नहीं मिलेगा वेतन
Sat, 05 Apr 2025 02:42 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 05 Apr 2025 02:42 AM IST
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प्रतीकात्मक
हल्द्वानी। जिला प्रशासन ने यूसीसी पोर्टल पर शादी का पंजीकरण न कराने वाले सरकारी विभागों के कार्मिकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) फिंचा राम चौहान ने एक आदेश जारी कर जिले भर के सभी कार्यालयाध्यक्षों को प्रत्येक विभाग में कार्मिकों का विवाह पंजीकरण सुनिश्चित कराने के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 26 मार्च 2010 के बाद वैवाहिक बंधन में बंधे कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से यूसीसी पोर्टल में शादी का पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करने और पंजीकरण की साप्ताहिक रिपोर्ट एडीएम कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इसी आदेश में एडीएम ने कहा है कि यदि कार्यालयाध्यक्षों की ओर से समस्त विवाहित कार्मिकों के विवाह पंजीकरण की सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाएगी तो संबंधित कार्मिकों के वेतन का आहरण नहीं किया जाएगा।
आदेश को बताया तुगलकी फरमान, आयुक्त से मिले
हल्द्वानी। परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष अरुण पांडे, प्रांतीय महामंत्री एसपी भट्ट व प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरजेश कांडपाल ने एडीएम के आदेश को तुगलकी फरमान करार दिया है। उन्होंने आयुक्त दीपक रावत के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर आदेश निरस्त कराने की मांग की है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यूसीसी पोर्टल में कार्मिकों का शत प्रतिशत पंजीकरण कराने के लिए प्रशासन को जिला, तहसील व ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाने चाहिए न कि वेतन रोकने का आदेश जारी करना चाहिए। उनका कहना है कि समान नागरिक संहिता में इस बात का उल्लेख कहीं नहीं है कि पंजीकरण न कराने वाले कार्मिकों को वेतन से वंचित कर दिया जाए। कहना है कि अप्रैल में नया शिक्षा सत्र शुरू होता है। कार्मिकों को बच्चों का दाखिला कराने से लेकर उनकी कापी किताब और ड्रेस खरीदनी होती है। कई कार्मिकों को बैंक लोन की किस्त देनी होती है। ऐसे में वेतन न देना गलत है। ज्ञापन देने वालों में गिरजेश कांडपाल, जगदीश सिंह बिष्ट, संगीता जोशी, शोभा टम्टा आदि थे।
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एडीएम (वित्त एवं राजस्व) फिंचा राम चौहान ने एक आदेश जारी कर जिले भर के सभी कार्यालयाध्यक्षों को प्रत्येक विभाग में कार्मिकों का विवाह पंजीकरण सुनिश्चित कराने के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 26 मार्च 2010 के बाद वैवाहिक बंधन में बंधे कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से यूसीसी पोर्टल में शादी का पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करने और पंजीकरण की साप्ताहिक रिपोर्ट एडीएम कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इसी आदेश में एडीएम ने कहा है कि यदि कार्यालयाध्यक्षों की ओर से समस्त विवाहित कार्मिकों के विवाह पंजीकरण की सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाएगी तो संबंधित कार्मिकों के वेतन का आहरण नहीं किया जाएगा।
आदेश को बताया तुगलकी फरमान, आयुक्त से मिले
हल्द्वानी। परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष अरुण पांडे, प्रांतीय महामंत्री एसपी भट्ट व प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरजेश कांडपाल ने एडीएम के आदेश को तुगलकी फरमान करार दिया है। उन्होंने आयुक्त दीपक रावत के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर आदेश निरस्त कराने की मांग की है।
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कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यूसीसी पोर्टल में कार्मिकों का शत प्रतिशत पंजीकरण कराने के लिए प्रशासन को जिला, तहसील व ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाने चाहिए न कि वेतन रोकने का आदेश जारी करना चाहिए। उनका कहना है कि समान नागरिक संहिता में इस बात का उल्लेख कहीं नहीं है कि पंजीकरण न कराने वाले कार्मिकों को वेतन से वंचित कर दिया जाए। कहना है कि अप्रैल में नया शिक्षा सत्र शुरू होता है। कार्मिकों को बच्चों का दाखिला कराने से लेकर उनकी कापी किताब और ड्रेस खरीदनी होती है। कई कार्मिकों को बैंक लोन की किस्त देनी होती है। ऐसे में वेतन न देना गलत है। ज्ञापन देने वालों में गिरजेश कांडपाल, जगदीश सिंह बिष्ट, संगीता जोशी, शोभा टम्टा आदि थे।
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